

Mann Ki Baat 134th episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड को संबोधित किया। यह कार्यक्रम पूरे ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) और सरकार के आधिकारिक डिजिटल चैनलों पर प्रसारित किया गया। पीएम मोदी ने 'मन की बात' में देशभर के आम उत्पादक किसानों की सराहना की है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किसानों के अथक परिश्रम और समर्पण की बदौलत 'फलों का राजा' आम हर साल लाखों परिवारों तक पहुंचता है।
पीएम मोदी ने बताया कि गर्मियों का मौसम आते ही देश में आम की चर्चा हर घर में शुरू हो जाती है और शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जहां आम को लेकर उत्साह न हो। उन्होंने कहा, हर इलाके का अपना आम, अपना स्वाद और अपनी खुशबू होती है। महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस (अल्फांसो), गुजरात का केसर, उत्तर प्रदेश का दशहरी और मेरी काशी का लंगड़ा आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
पीएम मोदी ने लंगड़ा आम की खासियत का भी जिक्र करते हुए कहा कि पकने के बाद भी इसका रंग कई बार हरा ही रहता है। उन्होंने बिहार के जर्दालू आम की सुगंध की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है। इसके अलावा उन्होंने चौसा और मालदा जैसी प्रसिद्ध किस्मों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में कहा कि दक्षिण भारत में बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम और मलगोवा आम की अपनी अलग पहचान है। वहीं, पश्चिम बंगाल का हिमसागर तथा ओडिशा और आंध्र प्रदेश का सुवर्णरेखा आम भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने कहा, जगह बदलती है तो आम का रूप, रंग और स्वाद भी बदल जाता है। यही भारत की विविधता की खूबसूरती है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब भारतीय आमों की पहचान केवल गांवों और स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे वैश्विक बाजारों तक भी पहुंच रहे हैं। उन्होंने आम की खेती से जुड़े किसानों को संबोधित करते हुए कहा, मैं 'मन की बात' के माध्यम से आम की पैदावार से जुड़े अपने किसान भाई-बहनों की प्रशंसा करता हूं।
पीएम ने कहा कि आप देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए आम किसान नहीं, बल्कि बहुत विशेष हैं। ऐसे ही छाए रहिए। प्रधानमंत्री के इस संदेश को आम उत्पादक किसानों के उत्साहवर्धन और भारतीय कृषि की विविधता को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।