दुनिया का सबसे खौफनाक स्कूली नरसंहार, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Thailand Canada Firing News: कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एक सुदूर उत्तरी शहर टम्बलर रिज में आज मंगलवार को हुई भीषण गोलीबारी ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। टम्बलर रिज सेकेंडरी स्कूल और पास के एक घर में हुई इस हिंसा में 10 लोगों की मौत हो गई है और 25 से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक महिला भी शामिल है जिसके बारे में पुलिस का मानना है कि वही हमलावर थी और उसने खुद को गोली मार ली।
वहीं, आज दक्षिणी थाईलैंड के हाट याई शहर से भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 18 वर्षीय युवक ने एम-4 (M-4) गन से एक स्कूल पर हमला कर दिया। इस अंधाधुंध गोलीबारी में 34 लोगों की मौत हो गई। सुरक्षा बलों के अनुसार, हमलावर की बहन उसी स्कूल में पढ़ती है और वह उस शिक्षक की तलाश में वहां पहुंचा था जिसने कथित तौर पर उसकी बहन को फटकार लगाई थी।
साल 2004 में बेसलान के एक स्कूल में हथियारबंद और नकाबपोश हमलावर घुस आए। उनके शरीर पर विस्फोटक बेल्ट बंधी हुई थीं और वे अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे। स्कूल में प्रवेश करते ही उन्होंने सुरक्षा गार्ड और पुरुष शिक्षकों को निशाना बनाया ताकि कोई उनका विरोध न कर सके। आतंकियों ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों सहित एक हजार से अधिक लोगों को स्कूल के स्पोर्ट्स हॉल में बंधक बना लिया। बास्केटबॉल कोर्ट के आसपास विस्फोटक लगा दिए गए थे जिससे हालात और भी भयावह हो गए।
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यह बंधक संकट लगभग तीन दिनों तक चला। रूसी सुरक्षा बल बच्चों की मौजूदगी के कारण तुरंत कड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। हमलावरों की मांग थी कि रूसी सेना को चेचन्या से हटाया जाए लेकिन रूसी सरकार ने यह मांग ठुकरा दी। अंततः कमांडो ऑपरेशन शुरू किया गया।
इन तीन दिनों के दौरान बंधकों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया। उन्हें खाने-पीने की सुविधा नहीं दी गई और मानसिक व शारीरिक यातनाएं दी गईं। बाद में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए।
इस पूरे अभियान के दौरान कई बच्चों की मौत विस्फोट, गोलीबारी और दम घुटने जैसी स्थितियों में हुई। यह घटना आज भी दुनिया की सबसे त्रासद और झकझोर देने वाली आतंकी घटनाओं में से एक मानी जाती है।
मार्च 1996 में स्कॉटलैंड के डनब्लेन प्राइमरी स्कूल में एक हमलावर ने अंधाधुंध गोलीबारी करते हुए 16 मासूम बच्चों और एक शिक्षक की जान ले ली थी। यह घटना ब्रिटेन के इतिहास की सबसे भयावह सामूहिक गोलीबारी मानी जाती है जिसने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया था।
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इस घटना के बाद नतीजा यह हुआ कि महज एक साल के भीतर बड़ा कानूनी बदलाव हुआ। 1997 तक ब्रिटिश संसद ने अधिकांश हैंडगन और सेमी-ऑटोमैटिक हथियारों के निजी स्वामित्व पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही, शॉटगन रखने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया।