ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran US Peace Deal Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में शुरू हुई शांति वार्ता के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन ने एक सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। तेहरान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस बातचीत से किसी ठोस और सकारात्मक नतीजे की ज्यादा उम्मीद नहीं है।
पजेशकियन ने साफ शब्दों में कहा कि वार्ता तभी सफल हो सकती है जब दोनों पक्ष आपसी सम्मान और बराबरी के आधार पर आगे बढ़ें लेकिन मौजूदा हालात ऐसे नहीं दिख रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ऐसी शर्तें थोपने की कोशिश कर रहा है, जो ईरान की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं। उनके मुताबिक, ईरान किसी भी प्रकार के दबाव या एकतरफा शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा।
पजेशकियन ने कहा कि अमेरिका और यूरोप ने ईरान के प्रति अविश्वास की इतनी ऊंची दीवार खड़ी कर दी है कि उसे तोड़ पाना अब आसान नहीं रह गया है। परमाणु हथियारों और मिसाइल निर्माण के मुद्दे पर चल रही इस ‘पीस डील’ पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राष्ट्रपति ने विशेष रूप से लंबी दूरी की मिसाइलों के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने की शर्तों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान ऐसी किसी भी शर्त को नहीं मानेगा चाहे इसके लिए वार्ता ही क्यों न टूट जाए।
ईरान पर परमाणु हथियार बनाने के लग रहे आरोपों को राष्ट्रपति पजेशकियन ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया कि ईरान कोई परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और यदि दुनिया इसे देखना चाहती है, तो वे जांच के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका, इजरायल के दबाव में आकर ईरान पर बेबुनियाद शर्तें थोपना चाहता है।
यह भी पढ़ें:- ईरान पर ‘महायुद्ध’ की तैयारी! वॉशिंगटन पहुंचे नेतन्याहू, ट्रंप ने समंदर में तैनात किया दूसरा जंगी बेड़ा
अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति भावुक भी नजर आए और उन्होंने पिछले 47 वर्षों में ईरान की कमियों के लिए आम नागरिकों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि ईरान को कमजोर करने की बहुत कोशिशें की गईं लेकिन वह आज भी अडिग है। पजेशकियन ने लोगों से अपील की कि वे जंग के मुहाने पर खड़े इस समय में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के नेतृत्व में एकजुट रहें और साजिशकर्ताओं को सफल न होने दें। उन्होंने संदेश दिया कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन वह जंग से भी पीछे नहीं हटेगा।