ईरान पर 'महायुद्ध' की तैयारी! वॉशिंगटन पहुंचे नेतन्याहू, ट्रंप ने समंदर में तैनात किया दूसरा जंगी बेड़ा

US Iran Tensions: इजरायली पीएम नेतन्याहू की राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बीच अमेरिका ने ईरान के पास दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की तैयारी तेज कर दी है। क्षेत्र में सैन्य हलचल चरम पर है।
Preparing for a 'world war' against Iran! Netanyahu arrives in Washington, Trump deploys a second naval fleet
इजरायल अमेरिका ईरान तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Netanyahu Trump Meeting: मध्य-पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक और सैन्य हलचल देखने को मिल रही है। क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन पहुंच गए हैं।

यहां उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रस्तावित है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा ईरान का परमाणु कार्यक्रम उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों पर पाबंदी और ईरान समर्थित गुटों को मिलने वाली मदद को रोकना है। क्योंकि इजरायल लंबे समय से ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को अपने लिए बड़ा खतरा मानता रहा है।

समंदर में बढ़ती घेराबंदी और 'टॉमहॉक' का साया

दिलचस्प बात यह है कि नेतन्याहू के अमेरिका पहुंचते ही डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पास दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में USS Abraham Lincoln और उसका स्ट्राइक ग्रुप पहले से ही क्षेत्र में मौजूद है, जो F-35 फाइटर जेट, टॉमहॉक मिसाइलों और कई युद्धपोतों से लैस है। ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यह तैनाती पिछले साल हुए 12 दिन के युद्ध जैसी सैन्य तैयारी की याद दिलाती है।

कूटनीति और चेतावनी साथ-साथ

एक तरफ जहां सैन्य दबाव बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक रास्ते भी खुले रखे गए हैं। पिछले शुक्रवार को ओमान में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत हुई है। ट्रंप ने दावा किया है कि इस बार ईरान समझौते के लिए गंभीर है क्योंकि वह पिछली बार अमेरिकी इरादों को हल्के में लेने की गलती कर चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका को 'बहुत कड़ा कदम' उठाना पड़ेगा।

ईरान की शर्त: प्रतिबंध हटे तो घटेगा यूरेनियम

तेहरान ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि वह अपने यूरेनियम संवर्धन के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, ईरान ने एक बड़ा प्रस्ताव देते हुए कहा कि यदि अमेरिका अपने सारे प्रतिबंध हटा लेता है तो वह यूरेनियम संवर्धन को 60 प्रतिशत तक घटा सकता है। इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली लारिजानी ने ओमान में वार्ता के दौरान अमेरिका को इजरायल की 'विनाशकारी भूमिका' से सतर्क रहने की सलाह दी है।

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