मार्क कार्नी और नरेंद्र मोदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Canada PM Mark Carney India Visit: भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चली आ रही कड़वाहट अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी, 2026) के मौके पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के बीच फोन पर एक बेहद सकारात्मक बातचीत हुई।
इस बातचीत में खास तौर पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के प्रस्तावित भारत दौरे पर चर्चा हुई, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में एक नए और अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
कनाडा के इस कूटनीतिक हृदय परिवर्तन के पीछे अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कनाडा पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे रहे हैं और यहां तक दावा कर चुके हैं कि वह कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाएंगे। अमेरिका के इस कड़े रुख से परेशान होकर पीएम मार्क कार्नी अब भारत के साथ संबंधों को पटरी पर लाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे।
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे के दौरान ऊर्जा, यूरेनियम और अहम खनिजों से जुड़े बड़े समझौतों पर मुहर लगने की संभावना है। इसी कड़ी में, कनाडा के ऊर्जा मंत्री होजीसन इस सप्ताह गोवा में होने वाले ‘एनर्जी वीक’ कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ यूरेनियम और एलएनजी (LNG) समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करेंगे।
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सूत्रों के अनुसार, पीएम मार्क कार्नी अब उन विवादित मुद्दों को तूल देने के बजाय व्यापारिक भागीदारी पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकार ने हवा दी थी। कार्नी अक्सर कनाडा में आयोजित होने वाले हिंदू कार्यक्रमों में भी शिरकत करते नजर आते हैं, जो भारत के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। विदेश मंत्री जयशंकर ने भी पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार और भागीदारी को लेकर औपचारिक वार्ता जल्द शुरू होगी।