ईरान- अमेरिका संकट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Operation Epic Fury: मध्य पूर्व में जारी ईरान-अमेरिका संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। युद्ध के 14वें दिन कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिसने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर खड़ा कर दिया है। इराक में फ्रांस के एक सैनिक की मौत, अमेरिकी विमानवाहक पोत में आग और तेल की कीमतों का 100 डॉलर के पार जाना के वैश्विक तनाव कॉफी बढ़ गया है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक खौफनाक चेतावनी देते हुए कहा है कि आज रात ईरान पर होने वाली एयरस्ट्राइक अब तक की ‘सबसे बड़ी और घातक’ होगी। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिकी बमवर्षक विमान ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया है कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और अब तेहरान की बची-कुची कमर भी तोड़ दी जाएगी।
इराकी कुर्दिस्तान के एरबिल क्षेत्र में हुए एक हमले में फ्रांस के वारंट ऑफिसर अर्नो फ्रियोन की मौत हो गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2015 से फ्रांसीसी सैनिक इराक में ISIS के खिलाफ अभियान का हिस्सा हैं, और ईरान के साथ चल रहा युद्ध ऐसे हमलों का कोई बहाना नहीं हो सकता। इस हमले में कई अन्य फ्रांसीसी सैनिक भी घायल हुए हैं।
इधर, लाल सागर में तैनात अमेरिका के सबसे नए और विशालकाय विमानवाहक पोत USS जेराल्ड आर फोर्ड में अचानक आग लग गई। अमेरिकी नौसेना के अनुसार, यह आग जहाज के लॉन्ड्री वाले हिस्से में लगी थी जिसमें दो नौसैनिक घायल हो गए। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन युद्ध के बीच ऐसी घटना ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। वहीं, एक अन्य अमेरिकी पोत USS अब्राहम लिंकन के पास एक ईरानी जहाज के आने के बाद अमेरिकी सेना ने उस पर फायरिंग की और हेलीकॉप्टर से हेलफायर मिसाइलें दागीं।
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इस वैश्विक युद्ध का असर भारतीयों पर भी पड़ा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि ओमान के मस्कट में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में 2 भारतीय प्रवासियों की जान चली गई है। इसके अतिरिक्त, युद्ध के कारण तेल बाजार में मची उथल-पुथल से ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है जो अगस्त 2022 के बाद पहली बार हुआ है।