शी जिनपिंग मार्क कार्नी बैठक, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Mark Carney Xi Jinping Meeting: वैश्विक राजनीति में एक बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ देखने को मिल रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में एक ऐतिहासिक मुलाकात की है। पिछले आठ वर्षों में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच यह पहली मीटिंग है जिसे तनावपूर्ण रिश्तों को सुधारने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
गौरतलब है कि कनाडा और चीन के बीच पिछले काफी समय से रिश्तों में दरार बनी हुई थी लेकिन अब दोनों देश फिर से करीब आ रहे हैं। बीजिंग में हुई इस बैठक को दोनों पक्षों ने एक नए अध्याय की शुरुआत बताया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत के दौरान कहा कि कनाडा और चीन एक नई ‘स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ बना रहे हैं, जिससे दोनों देशों को ऐतिहासिक फायदे होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियां हैं। पिछले साल अमेरिका ने कनाडाई प्रोडक्ट्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था, और ट्रंप ने इसे 10 प्रतिशत और बढ़ाने की धमकी दी है। इसी दबाव के चलते मार्क कार्नी अपने मुख्य बाजार (अमेरिका) पर आर्थिक निर्भरता कम करना चाहते हैं और नए विकल्पों के रूप में चीन की ओर हाथ बढ़ा रहे हैं।
मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग से काफी खुश हैं और इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। जिनपिंग के अनुसार, चीन-कनाडा संबंधों का स्थिर विकास न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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अपनी इस यात्रा के दौरान मार्क कार्नी ने चीन के प्रीमियर ली कियांग से भी मुलाकात की और व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा की। कार्नी वहां के बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ भी बैठक करने वाले हैं ताकि कनाडाई अर्थव्यवस्था के लिए नए रास्ते खोले जा सकें। हालांकि, दोनों नेताओं की इस गुप्त वार्ता के सटीक नतीजे और किन विशेष मुद्दों पर सहमति बनी है, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।