ईरान ने हिंद महासागर की ओर वॉरशिप पर दागी मिसाइलें, IRGC ने ली जिम्मेदारी, कहा- हमले जारी रहेंगे
US-Iran War: ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी डिस्ट्रॉयर पर मिसाइलों से हमला करने का दावा किया, जबकि अमेरिका ने नुकसान की पुष्टि नहीं की और क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी वॉरशिप पर मिसाइलें दागी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Iran Missile Strike US Destroyer in Indian Ocean: ईरान ने हिंद महासागर में तैनात अमेरिकी नौसेना के एक डिस्ट्रॉयर पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला करने की जिम्मेदारी ली है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक यह हमला ईरान के तट से लगभग 600-650 किलोमीटर दूर उस समय किया गया, जब अमेरिकी युद्धपोत कथित तौर पर एक सपोर्ट टैंकर से ईंधन भर रहा था।
ईरान ने अपने दावों में कहा गया है कि हमले के बाद डिस्ट्रॉयर और टैंकर दोनों में भारी आग लग गई। हालांकि, अमेरिकी सेना ने अभी तक किसी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही ईरानी दावों का सत्यापन किया है।
गदर-380 मिसाइल के हमला
IRGC ने बताया कि इस ऑपरेशन में गदर-380 मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल और तलैयाह स्ट्रेटेजिक क्रूज़ मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, ग़दर मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर तक है और इसे तेज़ व सटीक हमलों के लिए विकसित किया गया है। वहीं तलैयाह क्रूज़ मिसाइल की अनुमानित रेंज करीब 1,000 किलोमीटर बताई जाती है और इसे उड़ान के दौरान लक्ष्य बदलने में सक्षम बताया गया है।
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ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का हिस्सा
तेहरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके जवाबी अभियान “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” का हिस्सा है, जिसे ईरानी नेतृत्व के खिलाफ हालिया इजरायल-अमेरिका कदमों के जवाब में शुरू किया गया। IRGC ने संकेत दिया है कि यह अभियान जारी रहेगा। इससे पहले भी संगठन ने कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत सहित पश्चिम एशिया में अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों पर हमलों का दावा किया है।
दुबई में अमेरिकी दूतावास पर हमला
इस घटनाक्रम से पहले दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास एक पार्किंग क्षेत्र में ड्रोन हमला हुआ था। दुबई अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं ने आग पर काबू पा लिया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
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इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका मध्य कमान (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि वाशिंगटन का अभियान जारी है और ईरान की जवाबी क्षमता कमजोर पड़ रही है। उनके अनुसार अमेरिकी बलों ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया है, जबकि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और ताकत बढ़ाई जा रही है।
