पाइप फटने से समंदर में गिरा न्यूक्लियर वेस्ट, ब्रिटिश नेवी की लापरवाही से दुनिया में मचा हड़कंप
Britain News Today: ब्रिटिश नौसेना की गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्कॉटलैंड के लोच लॉन्ग के पास रॉयल नेवी के पुराने पाइप फट जाने से न्यूक्लियर वेस्ट समुद्र में रिस गया।
- Written By: अमन उपाध्याय
पाइप फटने से समंदर में गिरा न्यूक्लियर वेस्ट, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Britain Navy Radioactive Water leak: ब्रिटेन में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने दुनियाभर को चौंका कर रख दिया है। दरअसल, ब्रिटेन के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित सैन्य अड्डों में से एक स्कॉटलैंड के लोच लॉन्ग के पास स्थित कूलपोर्ट आर्मामेंट डिपो से रेडियोएक्टिव पानी के समुद्र में रिसाव की घटना हुई है। यह वही सैन्य ठिकाना है जहां रॉयल नेवी अपनी ट्राइडेंट पनडुब्बियों के लिए परमाणु हथियारों का भंडारण करती है।
द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्कॉटिश एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी (SEPA) के दस्तावेज़ों से पता चला है कि यह रिसाव पुरानी और क्षतिग्रस्त 1,500 पानी की पाइपलाइनों के टूटने की वजह से हुआ। यह घटना ब्रिटेन की सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पाइप फटने की कई घटनाएं
SEPA के रिकॉर्ड्स के अनुसार, बेस के लगभग 50% कंपोनेंट्स अपनी निर्धारित उम्र से भी अधिक समय तक इस्तेमाल किए जा रहे थे, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत या प्रतिस्थापन नहीं किया गया। रिपोर्ट्स में उल्लेख है कि 2010 और 2019 के बीच पाइप फटने की कई घटनाएं हुईं। विशेष रूप से, अगस्त 2019 में एक गंभीर घटना हुई, जिसमें परमाणु हथियार प्रोसेसिंग क्षेत्र में भारी मात्रा में पानी भर गया। यह पानी ट्रिटियम (एक रेडियोएक्टिव तत्व जिसका उपयोग परमाणु हथियारों में होता है) से हल्का दूषित था और खुले नाले के माध्यम से लोच लॉन्ग में बह गया।
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दस्तावेज़ों को गोपनीय रखने का प्रयास
छह वर्ष तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद यह महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक हुई। स्कॉटिश सूचना आयुक्त डेविड हैमिल्टन के आदेश पर सरकार को यह रिपोर्ट जारी करनी पड़ी। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा के तर्क का सहारा लेकर इन दस्तावेज़ों को गोपनीय रखने का प्रयास किया, परंतु आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह मामला “प्रतिष्ठा” से संबंधित है, न कि राष्ट्रीय सुरक्षा से।
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परमाणु सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल
यह खुलासा न सिर्फ़ ब्रिटेन के परमाणु सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी उजागर करता है कि दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले परमाणु ठिकानों में भी लापरवाही भयंकर दुर्घटनाओं को जन्म दे सकती है। हालांकि इस मामले पर रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि “रेडियोधर्मी सामग्री को सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से संभालना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पर्यावरण में किसी भी स्तर पर रेडियोधर्मी पदार्थ का कोई असुरक्षित रिसाव नहीं हुआ है।”
