भारत के जेन-जी का सोने पर भरोसा बढ़ा: म्यूचुअल फंड और क्रिप्टो से ज्यादा सुरक्षित मान रहे युवा

India Youth Gold Survey: सर्वे के अनुसार 62% जेन-जी और मिलेनियल्स सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं। म्यूचुअल फंड और क्रिप्टो के बजाय युवा छोटी मात्रा में नियमित रूप से सोना खरीदना पसंद कर रहे हैं।
Gen Z Investment Trends: India's Youth Choosing Gold Over Mutual Funds and Crypto
भारत के जेन-जी का सोने पर भरोसा बढ़ा (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Gen-Z Gold Investment Trends India: भारत की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी और मिलेनियल्स के बीच निवेश के पारंपरिक तरीकों के प्रति लगाव एक बार फिर लौट रहा है। एक हालिया सर्वे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अब युवा म्यूचुअल फंड और क्रिप्टो जैसे आधुनिक विकल्पों की तुलना में सोने को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोने को सबसे सुरक्षित ठिकाना मानने वाले युवाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई है। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए युवा अब स्थिरता और सुरक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

सोने के प्रति बढ़ता आकर्षण

सर्वेक्षण के अनुसार 18 से 39 वर्ष की आयु के लगभग 62 प्रतिशत युवा अब सोने को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प मान रहे हैं। यह सर्वे 5,000 से अधिक युवाओं के बीच किया गया जिसमें म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और शेयर मार्केट जैसे विकल्प काफी पीछे छूट गए हैं। युवाओं का मानना है कि जब अर्थव्यवस्था में अस्थिरता होती है तब सोना ही सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित माध्यम बनकर उभरता है।

निवेश के अन्य विकल्पों का हाल

अगर आज 25,000 रुपये निवेश करने हों तो सर्वे में शामिल 61.9 प्रतिशत युवाओं ने सोने को अपनी पहली पसंद के रूप में चुना है। इसके मुकाबले म्यूचुअल फंड को केवल 16.6 प्रतिशत और फिक्स्ड डिपॉजिट को 13 प्रतिशत लोगों ने ही अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। वहीं शेयर बाजार को 6.6 प्रतिशत और क्रिप्टो को महज 1.9 प्रतिशत युवाओं ने पसंद किया जो बाजार में गिरते भरोसे को दिखाता है।

खरीदारी के तरीके में बदलाव

आजकल के युवाओं में सोना खरीदने का पारंपरिक तरीका पूरी तरह बदल रहा है और वे छोटी-छोटी मात्रा में नियमित निवेश कर रहे हैं। अधिकांश युवाओं ने हाल ही में पांच ग्राम से कम सोना खरीदा है जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे अब एकमुश्त बड़ी खरीदारी के बजाय लचीली बचत कर रहे हैं। अब सोना केवल शादी-ब्याह के लिए ही नहीं बल्कि शुरुआती कमाई को सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन निवेश माध्यम बन चुका है।

आत्मनिर्भर होते युवा निवेशक

सर्वे में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि लगभग दो-तिहाई युवा सोना खरीदने के फैसले पूरी तरह से अपनी मर्जी से खुद लेते हैं। सर्वे में शामिल 42.3 प्रतिशत लोगों ने बताया कि घर में सोना खरीदने की शुरुआत उन्होंने खुद की जबकि 40 प्रतिशत ने परिवार की भूमिका मानी। जेन-जी में निवेश को लेकर काफी अधिक आत्मनिर्भरता देखी गई है जो अपनी आर्थिक सुरक्षा के लिए खुद जिम्मेदार बन रहे हैं।

पहली कमाई और सोने का रिश्ता

सर्वे के परिणाम बताते हैं कि करीब 24.3 प्रतिशत युवाओं ने अपना पहला वेतन मिलते ही सबसे पहले सोने में निवेश करना शुरू किया था। वहीं 23.9 प्रतिशत युवाओं ने इसे केवल एक निवेश विकल्प के रूप में देखा जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और महत्व को अच्छी तरह दर्शाता है। युवा अब सोने को केवल आभूषण की तरह नहीं बल्कि भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले एक ठोस आधार के रूप में देख रहे हैं।

आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षा

करीब 65 प्रतिशत युवाओं का यह दृढ़ विश्वास है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाली अस्थिरता के समय सोना ही सबसे सुरक्षित निवेश साबित होता है। बाजार के लगातार गिरते ग्राफ और क्रिप्टो जैसे जोखिम भरे विकल्पों से युवाओं का मोह अब पूरी तरह भंग होता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। सोना अब युवाओं के लिए केवल एक धातु नहीं बल्कि सुरक्षित भविष्य की गारंटी और वित्तीय आजादी पाने का एक सशक्त जरिया बन गया है।

भविष्य की नई निवेश रणनीति

यह नया रुझान यह संकेत देता है कि भारत का युवा वर्ग अब अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए अधिक जागरूक और गंभीर हो चुका है। वे अब किसी के कहने पर निवेश करने के बजाय बाजार के आंकड़ों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर अपने वित्तीय फैसले स्वयं ले रहे हैं। आने वाले समय में सोने की मांग में और भी अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि यह युवाओं के लिए पसंदीदा संपत्ति बन चुका है।

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