
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त
ढाका: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार प्रदर्शनकारियों पर शिकंजा कसने के लिए अब एक्शन मोड में आ गई है। इसके लिए माेहम्मद यूनुस अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने प्रदर्शनकारियों का सख्त चेतावनी दे दी है। प्रदर्शनकारियों को अवैध हथियार सौंपने को कहा गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल एम सखावत हुसैन ने सोमवार को प्रदर्शनकारियों सख्त हिदायत दी है। साथ ही 19 अगस्त तक सभी अवैध और अनधिकृत हथियार सौंपने को कहा है। हाल ही में हुए हिंसा में इन हथियारों को कानून प्रवर्तकों से लूटी गई राइफलें भी शामिल हैं।
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डेली स्टार समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, हुसैन ने कहा कि अगर वे यानी प्रदर्शनकारी हथियार पास के पुलिस थानों को वापस नहीं करते हैं तो, अधिकारी तलाशी लेंगे और यदि किसी के पास अकारण हथियार पाया गया, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
हुसैन यहां संयुक्त सैन्य अस्पताल में अर्धसैनिक बांग्लादेश अंसार सदस्यों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। जो कि वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हो गए थे। जिसके कारण बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाना पड़ा था।
बांग्लादेश की हालत का जिम्मेदार अमेरिका
बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ने के बाद रविवार को पहली बार बयान दी थीं। इसमें हसीना ने इशारा किया था कि उन्हें सत्ता से हटाने के पीछे अमेरिका का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहाकि अगर मैंने सेंट मार्टिन द्वीप की संप्रुभता से समझौता कर लिया होता तो आज भी प्रधानमंत्री रहती। हसीना ने आगे कहा कि मैंने इसलिए इस्तीफा दिया ताकि देश में अमन-चैन कायम रहे। मैं नहीं चाहती थी कि वहां पर हिंसा हो। शेख हसीना ने कहा कि वह लोग छात्रों की लाशों पर सत्ता हासिल करना चाहते थे। लेकिन मैंने पहले ही इस्तीफा देकर ऐसी नौबत ही नहीं आने दी।
शेख हसीना ने खोला अमेरिका की पोल
गौरतलब है कि बांग्लादेश में राजनीतिक हालात काफी ज्यादा खराब हैं. पांच अगस्त को छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हुआ था। यह लोग सरकारी नौकरी में विवादास्पद कोटा सिस्टम खत्म करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद बढ़ती हिंसा से डरकर शेख हसीना मिलिट्री एयरक्राफ्ट में सवार होकर भारत पहुंच गईं। फिलहाल वह भारत में ही मौजूद हैं। बांग्लादेश में नोबल विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चुनी गई है।
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