ईरान-अमेरिका में सुलह की कोशिश, पाक आर्मी चीफ मुनीर ने ट्रंप को किया फोन, होर्मुज ब्लॉकेड पर की ये बड़ी मांग
Munir Calls Donald Trump: पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर होर्मुज ब्लॉकेड हटाने की अपील की है ताकि ईरान के साथ अटकी हुई शांति वार्ता फिर शुरू हो सके।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रम्प और आसिम मुनीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Munir Calls Donald Trump Hormuz Blockade: क्षेत्र में युद्ध के बढ़ते बादलों और कूटनीतिक गतिरोध के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संपर्क साधा है। सूत्रों के अनुसार, जनरल मुनीर ने ट्रंप को फोन कर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में जारी अमेरिकी नाकेबंदी को हटाने का अनुरोध किया है। यह फोन कॉल ऐसे समय में आया है जब ईरान ने अमेरिका पर अविश्वास जताते हुए इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से पूरी तरह इनकार कर दिया है।
बातचीत की राह में सबसे बड़ा रोड़ा
जनरल आसिम मुनीर ने राष्ट्रपति ट्रंप को अवगत कराया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी बातचीत की प्रक्रिया में इस समय सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल वार्ता के लिए इस्लामाबाद में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं लेकिन ईरान ने इसमें शामिल होने को लेकर कोई कमिटमेंट नहीं दिया है।
मुनीर ने ट्रंप से कहा है कि जब तक अमेरिका की ओर से इस समुद्री मार्ग पर दबाव कम नहीं किया जाता, तब तक बातचीत को आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने मुनीर की इस सलाह पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
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ईरान का सख्त रुख
जनरल मुनीर हाल ही में तेहरान का दौरा करके आए थे, जहां उन्होंने ईरानी नेतृत्व को दूसरे दौर की वार्ता के लिए मनाने की कोशिश की थी। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत की उनकी कोई योजना नहीं है।
ईरान का मानना है कि अमेरिका का रवैया कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर नहीं है और उसने कुछ पूर्व-शर्तें रखी हैं। ईरान की इस बेरुखी ने पाकिस्तान के सामने एक बड़ा विश्वसनीयता का संकट (Credibility Crisis) पैदा कर दिया है क्योंकि वह इस वार्ता को सफल बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।
ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जा
शांति वार्ता की संभावनाओं को तब गहरा झटका लगा जब अमेरिकी नौसेना ने ‘तौस्का’ नामक एक ईरानी जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि यह जहाज होर्मुज की नाकेबंदी को दरकिनार कर भागने की कोशिश कर रहा था।
इसके जवाब में ईरान ने शनिवार को एक बार फिर इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस समुद्री रास्ते को तब तक नहीं खोलेगा जब तक अमेरिकी नौसेना उसके बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म नहीं कर देती।
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क्या सफल होगी मुनीर की कूटनीति?
ईरान-अमेरिका के इस घमासान में पाकिस्तान खुद को एक मध्यस्थ के रूप में स्थापित करना चाहता है, लेकिन जमीनी हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। ट्रंप पहले ही धमकी दे चुके हैं कि यदि ईरान समझौते के लिए राजी नहीं हुआ तो उसके सभी प्रमुख पुलों और पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे मुनीर के अनुरोध पर होर्मुज ब्लॉकेड में ढील देंगे या तनाव और गहराएगा।
