

ब्यूनस आयर्स: अर्जेंटीना के विदेश मंत्री को मनमाना कदम उठाना भारी पड़ गया। राष्ट्रपति जेवियर माइली ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया। इसकी जानकारी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने सोशल मीडया पोस्ट पर दी। उन्होंने लिखा, विदेश मंत्री डायना मोंडिनो को पद से हटा दिया गया है।
दरअसल, क्यूबा पर अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध लगा हुआ है। वहीं अर्जेंटीना के विदेश मंत्री ने क्यूबा पर लगे अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध हटाने के पक्ष में संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान कर दिया। जिसके बाद अर्जेंटीना के राष्ट्र्रपति ने बुधवार को विदेश मंत्री को बर्खास्त कर दिया।
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के प्रवक्ता मैनुअल एडोर्नी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अर्जेंटीना की विदेश मंत्री डायना मोंडिनो को पद से हटा दिया गया है। वहीं उनके स्थान पर अमेरिका में अर्जेंटीना के राजदूत गेरार्डो वर्थीन को नियुक्त किया गया है।
एडोर्नी ने मोंडिनो के हटाने के कारणों के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन क्यूबा पर प्रतिबंध हटाने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का मोंडिनो द्वारा बुधवार को समर्थन किए जाने के कुछ घंटों बाद ही यह घोषणा की गई। राष्ट्रपति कार्यालय ने बाद में एक विज्ञप्ति में पुष्टि की, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का समर्थन किए जाने के कारण ही मोंडिनो को हटाया गया है।
क्यूबा की क्रांति के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका ने फिदेल कास्त्रो की सरकार को मान्यता दी। लेकिन आर्थिक दंड लगाना शुरू कर दिया क्योंकि नई सरकार ने सोवियत संघ के साथ अपने व्यापार को बढ़ाया। अमेरिकी स्वामित्व वाली संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण किया और अमेरिकी आयात पर कर बढ़ाए।
1959 से ही अमेरिका-क्यूबा के रिश्ते अविश्वास और दुश्मनी से ग्रस्त हैं, जिस साल फिदेल कास्त्रो ने हवाना में अमेरिका समर्थित शासन को उखाड़ फेंका था और सोवियत संघ के साथ गठबंधन करके एक समाजवादी राज्य की स्थापना की थी।
उसके बाद की आधी सदी के दौरान, लगातार अमेरिकी प्रशासन ने द्वीप देश को आर्थिक और कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने के उद्देश्य से नीतियां अपनाईं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्यूबा पर किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक समय तक प्रतिबंध लगाए हैं।