

Earthquake Latest News: अफगानिस्तान में फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.0 दर्ज की गई है। यह हाल के समय में अफगानिस्तान में तीसरा तेज भूकंप है। फिलहाल, भूकंप से किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने राहत कार्यों के लिए सतर्कता बरत ली है। अफगानिस्तान में पिछले कुछ दिनों से लगातार भूकंपीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
यह जानकारी भी सामने आई है कि अफगानिस्तान में पिछले सप्ताह आए भूकंप के बाद तबाह हुए घरों से सैकड़ों शवों को निकाले जाने के चलते मृतकों की संख्या 2,200 से अधिक हो गई है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी गुरुवार को दी। रविवार रात आए 6.0 तीव्रता वाले इस भूकंप ने कई प्रांतों में भारी तबाही मचाई थी।
अफगानिस्तान में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 7:46 बजे 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। इससे थोड़ी पहले ही 5.2 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए थे। बृहस्पतिवार आधी रात के बाद भी कई झटके आए। सुबह 3:16 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप, रात 11:58 बजे 4.1 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए। भूकंप काबुल से 118 किलोमीटर दूर और जमीन से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में आया।
इन लगातार झटकों से अफगानिस्तान में दहशत का माहौल बन गया है। खास बात यह है कि 4.1 तीव्रता के झटके से कुछ मिनट पहले ही 5.8 तीव्रता का भूकंप भी आया था। कुल मिलाकर 24 घंटे से भी कम समय में चार झटके महसूस किए गए और पांच घंटे के भीतर धरती तीन बार कांपी।
अफगानिस्तान में भूकंप के कारण कई गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लोग मिट्टी, कच्ची ईंट और लकड़ी से बने अपने घरों के मलबे में फंसे हैं। सबसे ज्यादा हानि कुनार क्षेत्र में हुई है, जहां लोग ऊंचे पहाड़ों से घिरी नदी घाटियों में रहते हैं। खराब सड़कें और आर्थिक तंगी बचाव और राहत कार्यों को मुश्किल बना रही हैं।
अफगानिस्तान में आए भूकंप ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया है। इस बीच, राहत संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि उनके पास संसाधनों की कमी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों ने भोजन, आश्रय और मेडिकल आपूर्ति की कमी की जानकारी दी है। यह भूकंप पहले से संकटग्रस्त अफगानिस्तान की स्थिति को और भी गंभीर बना गया है। भारत ने भी अफगानिस्तान को मानवीय मदद भेजी है।