दहल उठी धरती! अफगानिस्तान-पाकिस्तान में भूकंप का कहर, दिल्ली तक महसूस हुए तगड़े झटके

Afghanistan​ And Pakistan Earthquake: अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 दर्ज की गई।
दहल उठी धरती! अफगानिस्तान-पाकिस्तान में भूकंप का कहर, दिल्ली तक महसूस हुए तगड़े झटके
अफगानिस्तान-पाकिस्तान में भूकंप का कहर, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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Earthquake Latest News: अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया है। यह झटका इतना ज़ोरदार था कि इसके असर पाकिस्तान और भारत तक महसूस किए गए। पिछले भूकंप में अफगानिस्तान में भारी तबाही हुई थी, जिसमें 2,200 से अधिक लोगों की जान चली गई है।

इस बार भूकंप के झटके पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी और खैबर पख्तूनख्वा के कई हिस्सों में महसूस तक किए गए। इसके साथ ही दिल्ली में भी हल्के झटके महसूस किए गए।

6.1 तीव्रता का भयंकर भूकंप

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस की जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में रविवार को 6.1 तीव्रता का भयंकर भूकंप आया। इस हादसे के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई है और अब तक 2,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली में भी महसूस किए गए झटके

भारत में इस भूकंप के झटके देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के एनसीआर क्षेत्रों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किए गए। बता दें कि पहले ही बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बीच, भूकंप के झटकों ने लोगों में भय और चिंता पैदा कर दी।

अभी हाल ही में आया था भयानक भूकंप

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, 31 अगस्त की रात 11:47 बजे स्थानीय समय पर आठ किलोमीटर की गहराई में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील है क्योंकि यहां भारतीय और यूरेशियन प्लेटें आपस में मिलती हैं। साथ ही पहाड़ी इलाके में भूकंप के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बचाव और राहत कार्यों में और कठिनाई होती है।

भारत, जापान समेत इन देशों ने भेजी सहायता

रेड क्रॉस, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन राहत कार्यों में सक्रिय हैं। भारत, जापान, ईरान और तुर्की से भी सहायता सामग्री भेजी गई है। राहत एजेंसियों का कहना है कि पहुंच में मुश्किलों के कारण जरूरी सामान और चिकित्सा सहायता में देरी हो रही है। इस क्षेत्र में अक्टूबर 2023 में आए भूकंप में 1,500 से अधिक लोगों की जान चली गई थी, जबकि 2022 में हुए भूकंप में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

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