महाराष्ट्र में मौसम का यू-टर्न: 17 से 20 मार्च तक विदर्भ-मराठवाडा में गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में अगले 4 दिन मौसम बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने 17 से 20 मार्च तक विदर्भ, मराठवाडा और खानदेश में बिजली कड़कने, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
Maharashtra Weather Update Unseasonal Rain
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Unseasonal Rain In Maharashtra: महाराष्ट्र में गर्मी की आहट के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, आगामी 17 से 20 मार्च के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से दोपहर के बाद आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

इन इलाकों पर मंडरा रहा है खतरा

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर विदर्भ, मराठवाडा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के जिलों में देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि 18 से 20 मार्च के बीच इन मौसमी गतिविधियों की तीव्रता अपने चरम पर होगी। इस दौरान हवा की रफ्तार काफी तेज हो सकती है, जिससे जनजीवन और खेती पर असर पड़ने की आशंका है।

किसानों के लिए रेड अलर्ट

वर्तमान में राज्य के अधिकांश हिस्सों में रबी फसलों की कटाई का काम जोरों पर है। ऐसे में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • फसल सुरक्षा: कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या वाटरप्रूफ तिरपाल से ढक दें।
  • सतर्कता: बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और अपने पशुओं को भी सुरक्षित शेड में बांधें।
  • नियोजन: मौसम के अपडेट को देखकर ही छिड़काव या कटाई जैसे कृषि कार्यों का नियोजन करें।

क्यों बदल रहा है मौसम?

विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर तापमान में बढ़ोतरी और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण यह अस्थिरता पैदा हो रही है। हालांकि यह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, लेकिन ओलावृष्टि की संभावना ने बागवानी और दलहन की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।