इराक के पास 'सेफसी विष्णु' टैंकर पर हमला, मुंबई के इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत

Safesea Vishnu Attack: इराक के पास तेल टैंकर सेफसी विष्णु पर हुए हमले में मुंबई के मरीन इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई है। परिजनों ने अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।
Mumbai Engineer Devanandan Prasad Death
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Mumbai Engineer Devanandan Prasad Death: मुंबई के उपनगर के रहने वाले 44 वर्षीय मरीन इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की इराक के जलक्षेत्र के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, टैंकर 'सेफसी विष्णु' (Safesea Vishnu) पर अज्ञात हमलावरों द्वारा हमला किया गया था। इस घटना के समय जहाज इराक से कच्चा तेल लेकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा था।

देवनंदन के परिवार को शिपिंग कंपनी के माध्यम से इस दुखद घटना की सूचना मिली। परिवार ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप करने और शव को जल्द से जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है। इस हमले की प्रकृति अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव या समुद्री डकैती का परिणाम हो सकता है।

हमले की परिस्थितियां और टैंकर की स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर पर हमला उस समय हुआ जब वह इराक के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था। प्रत्यक्षदर्शियों या जहाज के अन्य क्रू मेंबर्स के शुरुआती बयानों से संकेत मिलते हैं कि हमले के दौरान जहाज के इंजन रूम या तकनीकी हिस्से को निशाना बनाया गया था, जहाँ देवनंदन तैनात थे। हमले के तुरंत बाद जहाज पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक दल के बाकी सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

परिवार की मांग और सरकारी प्रतिक्रिया

देवनंदन प्रसाद सिंह के परिवार ने इस घटना की निष्पक्ष और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक हमले के पीछे के सही कारणों की जानकारी नहीं दी गई है। मुंबई के स्थानीय नेताओं ने भी केंद्र सरकार से अपील की है कि वे इराक और संबंधित देशों के अधिकारियों से संपर्क कर इस 'आतंकवादी कृत्य' या 'हमले' की सच्चाई सामने लाएं।

समुद्री सुरक्षा पर गहराता संकट

हाल के महीनों में लाल सागर और गल्फ ऑफ ओमान के पास तेल टैंकरों पर हमलों की घटनाओं में वृद्धि हुई है। 'सेफसी विष्णु' पर हुआ यह हमला भारतीय नाविकों के लिए बढ़ते जोखिम को दर्शाता है। भारतीय नौसेना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री बल इस मामले की निगरानी कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हमला ड्रोन से किया गया था या किसी समुद्री छोटे बेड़े के जरिए।

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