बंगाल में चला 'योगी मॉडल': CM सुवेंदु का बड़ा ऐलान, 2019 के दंगाईयों से होगी सरकारी संपत्ति के नुकसान की वसूली

Suvendu Adhikari CAA Violence Probe: पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। CM सुवेंदु ने 2019 के सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान के जांच के आदेश दिया है।
'Yogi Model' implemented in Bengal: CM Suvendu's major announcement—damages for loss of public property will be recovered from the 2019 rioters.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Bengal Government Property Damage Recovery: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी भी अब दंगाईयों से सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई करेंगे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साल 2019 में सीएए के विरोध के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की जांच कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता को इस संबंध में विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

CM ने दिया जांच के आदेश

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता को निर्देश दिया कि 2019 के सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच की जाए। इसके लिए राज्य पुलिस के भीतर स्पेशल सेल का भी गठन किया जाएगा। यह स्पेशल सेल इन मामलों की जांच करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष सेल का कार्यालय मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में स्थापित किया जाएगा। जांच के दौरान पुराने मामलों की नई फाइल तैयार की जाएगी और दोषियों की पहचान की जाएगी।

उपद्रवियों से होगी नुकसान की भरपाई

बंगाल सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप साबित होते हैं, तो उससे नुकसान की भरपाई के रूप में मुआवजा वसूला जाएगा। रेलवे में हुई आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाओं की जांच के लिए रेलवे पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, सबसे अधिक शिकायतें मुर्शिदाबाद जिले और हावड़ा के उलूबेरिया क्षेत्र में दर्ज की गई थी। बेलडांगा थाने में तोड़फोड़ और आगजनी के अलावा उलूबेरिया में ट्रेन में आग लगाने और लूटपाट जैसी घटनाओं के भी आरोप लगे थे। सरकार का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाएगी।

बंगाल में हुआ था भारी बवाल

दिसंबर 2019 में संसद के दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे कानूनी मान्यता मिल गई। कानून बनने के बाद देशभर में इसका विरोध हुआ। इस दौरान पश्चिम बंगाल में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा बसों में आग लगाने, रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कई स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। अब सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार इन मामलों में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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