

Yavatmal Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश (बालासाहब) आंबेडकर द्वारा दिए गए महाराष्ट्र बंद के आह्वान का यवतमाल शहर में व्यापक असर देखने को मिला। वंचित बहुजन आघाड़ी के यवतमाल जिलाध्यक्ष एवं नगर परिषद के गटनेता पार्षद डॉ. नीरज वाघमारे के नेतृत्व में आयोजित इस बंद के दौरान संविधान चौक स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर स्मारक परिसर में हजारों नागरिक एकत्र हुए।
पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण, अनुशासित और संवैधानिक तरीके से संपन्न हुआ। बंद के दौरान शहर के अनेक व्यापारिक प्रतिष्ठान, बाजार, शैक्षणिक संस्थान, महाविद्यालय, निजी विद्यालय, ऑटो-रिक्शा चालक-मालिक, स्कूल बस संचालक तथा विभिन्न व्यावसायिक संगठनों ने स्वेच्छा से अपना समर्थन दिया। इसके चलते शहर का जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. नीरज वाघमारे ने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने बेरोजगारी और छात्रों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है और छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास देश के लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
यवतमाल बंद को प्रमोदिनी रामटेके, नगरसेविका मीरा वीर, जावेद अन्सारी, राजा गणवीर, सत्यजित मेंढे, हर्षदीप कांबले, नितेश मेश्राम, तेजस थूल, प्रियंकाताई, उषा खंडारे, प्रा। पंढरी पाठे, ममता धारपवार, एम। के। कोडापे, प्रफुल शंभरकर, प्रसन्नजीत भवरे, सुजाता वावरे, चित्रा घोडेस्वार, गोपाल माकोडे, नारायण थूल सहित अन्यों ने समर्थन दिया। इसके अलावा आंदोलन को विविध सामाजिक, राजनीतिक व कर्मचारी संगठनों ने भी समर्थन दिया।
इनमें मराठा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर गायकवाड, सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन के नंदकुमार बुटे, शशिकांत खडसे, मराठा सेवा संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर कुडूपले, शिक्षक संगठन के गौरीनंदन कन्नाके, कांग्रेस के नगरसेवक जावेद अन्सारी, वानखडे करिअर अकादमी के जगदीश वानखडे, अशोक हेलोंडे, शामा दादा, कोलाम ब्रिगेड के सुरेश कुमरे, वर्षा निकम, सचिन मनवर, कृष्णा पुसनाके, ऑल इंडिया दलित पैचर के जिलाध्यक्ष सचिन खाडे, आदि का समावेश रहा। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।