TMC के 10 विधायक बैठक से गायब, ममता बनर्जी ने केंद्र को ललकारा, कहा- वे चाहें तो मुझे बर्खास्त कर दें
Mamata Banerjee Resign: पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखे तेवर अपनाए हैं। उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए चुनाव को एक 'अत्याचार' करार दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ममता बनर्जी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Mamata Banerjee Resign TMC MLA Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में भारी उथल-पुथल मची हुई है। TMC की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी। बुधवार को कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में ममता ने कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती दी।
वे मुझे बर्खास्त कर दें
चुनाव परिणामों के बाद पहली बार औपचारिक बैठक को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। वे चाहें तो मुझे बर्खास्त कर सकते हैं। उन्होंने खुद को एक स्वतंत्र पंछी बताते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के लोगों के लिए काम किया है और वह अपनी नैतिक जीत मानती हैं। ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और घोषणा की कि वे हार के बावजूद लड़ना जारी रखेंगे।
बैठक से 10 विधायक गायब
ममता बनर्जी के आवास पर बुलाई गई यह बैठक मुख्य रूप से विधानसभा में विपक्ष के नेता का चयन करने और भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए थी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के संकेत भी मिले। खबरों के मुताबिक, टीएमसी के कुल 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से केवल 70 ही बैठक में उपस्थित थे। 10 विधायकों की इस अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या हार के बाद पार्टी के भीतर कोई बड़ी दरार पड़ने वाली है।
सम्बंधित ख़बरें
तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर! विजय को रोकने के लिए साथ आएंगे DMK और AIADMK? राजभवन में फंसा बहुमत का पेंच
जिस IAS अधिकारी के लिए केंद्र से लड़ गई थीं ममता बनर्जी, TMC के चुनाव हारते ही इस्तीफा देकर छोड़ा साथ!
सुवेंदु नहीं तो कौन? बंगाल में बीजेपी खेलेगी ‘सरप्राइज कार्ड’, सीएम फेस पर सस्पेंस! समझिए शाह के दौरे के मायने
500 FIR, 400 कार्यकर्ताओं को जेल…सुवेंदु अधिकारी का बड़ा खुलासा, नंदीग्राम में वेलकम के बीच एक्शन के संकेत
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने इस बार के चुनाव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय एक ‘अत्याचार’ बताया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस, CRPF, भाजपा समर्थक मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग की कड़ी निंदा की। ममता ने आरोप लगाया कि 1500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा, जिससे उनके सीने में दर्द है।
अंतरराष्ट्रीय अदालत जाने की चेतावनी
ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो विधायक हारे हैं उन्हें जबरदस्ती हराया गया है। भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस लड़ाई को कानूनी रूप से आगे बढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय अदालत तक का दरवाजा खटखटाएंगे।
यह भी पढ़ें:- ‘आमी इस्तीफा ना देबो’, ममता के इस्तीफा न देने पर क्या होगा? बंगाल सीईओ ने क्या जवाब दिया
उन्होंने आगामी रवींद्र जयंती से नए संघर्ष की शुरुआत करने की बात कही और विधायकों को विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया। जिसे उन्होंने ‘काला दिन’ बताया। ममता ने यह भी कहा कि जिन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा और पार्टी अब इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर एकजुट होकर अपनी अगली लड़ाई लड़ेगी।
