जिस IAS अधिकारी के लिए केंद्र से लड़ गई थीं ममता बनर्जी, TMC के चुनाव हारते ही इस्तीफा देकर छोड़ा साथ!
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मिली प्रचंड बहुमत के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की कवायद तेज हो चुकी है। ममता के इस्तीफे से इनकार के बाद उनके करीबी अधिकारियों ने इस्तीफा सौंप दिए।
- Written By: मनोज आर्या
पीएम मोदी, अलापन बंद्योपाध्याय और ममता बनर्जी, (डिजाइन फोटो/ नवभारत)
West Bengal Assembly Election Result: पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री और टीएसी सुप्रीमो ने बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद भले ही इस्तीफे से इनकार कर दिया हो, लेकिन चुनावी नतीजे के अगले दिन यानी की 5 मई को उनके सिपहसालार और करीबी अधिकारियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिए हैं। इनमें कुछ पूर्व आईएस अधिकारी तो कुछ इकोनॉमिस्ट और पत्रकार हैं। इस लिस्ट में पूर्व चीफ सेक्रेटरी अलापन बंद्योपध्याय, मनोज पंत, एचके द्विवेदी और अभिरूप सरकार का नाम शामिल हैं। इन सभी को ममता बनर्जी ने नियुक्त किया था।
अभिरूप सरकार ने बुधवार को को मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं पश्चिम बंगाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (WBIDC) और पश्चिम बंगाल स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (WBSIDC) का अध्यक्ष था। मैंने मंगलवार को ही संबंधित विभागों के सचिवों को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
‘मैं कोई राजनीतिक शख्स नहीं’
अभिरूप सरकार ने कहा कि भले ही मैं कोई राजनीतिक शख्स नहीं हूं, लेकिन ये नियुक्तियां राजनीतिक नियुक्तियां थीं। मुझे तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नियुक्त किया था। अब वह चुनाव हार गई हैं, इसलिए मुझे इस पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इससे पहले उन्होंने समितियों, आयोगों और निगमों में कई पदों पर काम कर चुके हैं।
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कौन हैं अलापन बंद्योपाध्याय?
गौरतलब है कि मई 2021 में केंद्र सरकार ने बंगाल के तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी अलापन बंद्योपाध्याय को वापस दिल्ली बुलाने का आदेश जारी किया था। सरकार की ओर से यह आदेश तब जारी किया गया था, जब चक्रवात ‘यास’ के बाद पीएम मोदी की बैठक से वह गायब रहे थे। आदेश में राज्य सरकार से कहा गया ता कि इस आईएएस अधिकारी को कार्यमुक्त करे और उन्हें नॉर्थ ब्लॉक में रिपोर्ट करने का निर्देश दें।
(निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार रहें अलापन बंदोपाध्याय कौन हैं?)
लेकिन, ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से इस आदेश को वापस लेने की अपील की। इसके बाद में उन्होंने यह जानकारी दी गी बंद्योपाध्याय रिटायर्ड हो गए हैं और दिल्ली में कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे। इसके बाद तत्कालीन सीएम ने उन्हें अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया। इसके बाद बंद्योपाध्याय ने 31 मई 2021 को ही रिजॉइन कर दिया था।
मुख्य सलाहाकार का भी इस्तीफा
बंद्योपाध्याय ने कहा कि मंगलवार को जानकारी दी कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ममता बनर्जी के कुछ अन्य करीबी अधिकारियों ने भी अपना-अपना इस्तीफा भेज दिया है। ये अधिकारी मुख्य सचिव के पद से रिटायर होने के बाद तत्कालीन सीएम के सलाहकार के रूप में नियुक्त किए गए थे; इनमें एचके द्विवेदी और मनोज पंत भी शामिल हैं। राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में मीडिया सलाहकार के रूप में कार्यरत एक पूर्व पत्रकार ने भी मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
ममता के इस्तीफे को लेकर विवाद
ममता के करीबी अधिकारियों के ये इस्तीफे ऐसे समय में आए हैं, जब उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार कर चुकी हैं। उनका दावा है कि उनकी पार्टी ने चुनाव जीता है, लेकिन वोटों की गिनती की प्रक्रिया में चुनाव आयोग, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और BJP ने मिलकर धांधली की है। इस बीच, राज्य के एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता ने भी पश्चिम बंगाल के गवर्नर RN रवि को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
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बंगाल में बीजेपी को बहुमत
दत्ता दिसंबर 2023 से एडवोकेट जनरल के तौर पर काम कर रहे थे, और इससे पहले भी 2017 से 2021 तक इस पद पर रह चुके थे। गौरतलब है कि 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल की है और 294 में से 207 सीटें जीतीं हैं, जबकि TMC को केवल 80 सीटें मिलीं हैं।
