राजधानी एक्सप्रेस में गंदगी का आरोप, 4300 रुपये की टिकट पर पैसेंजर का खराब अनुभव; वीडियो वायरल

Rajdhani Cleanliness Issue : सियालदह राजधानी एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक इंफ्लुएंसर ने ट्रेन की साफ-सफाई पर सवाल उठाए हैं। 2AC में सफर के दौरान बर्थ की गंदगी को लेकर उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
A passenger’s viral video from Sealdah Rajdhani Express raises questions over cleanliness despite a premium 2AC ticket.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Train Viral Video : नई दिल्ली से कोलकाता के सियालदह के लिए रोजाना शाम साढ़े 4 बजे चलने वाली सियालदह राजधानी एक्सप्रेस को भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों में गिना जाता है। गाड़ी संख्या 12313/12314 में 1AC, 2AC और 3AC जैसी सुविधाएं दी जाती हैं और यह ट्रेन करीब 18 घंटे में 1454 किलोमीटर का सफर तय करती है।

इतने लंबे सफर और महंगे किराए के कारण यात्रियों को बेहतर सुविधाओं की उम्मीद होती है। लेकिन हाल ही में इस ट्रेन में सफर कर रहे एक इंफ्लुएंसर ने ट्रेन की साफ-सफाई को लेकर अपना निराशाजनक अनुभव साझा किया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ट्रेन में फैली गंदगी का वीडियो वायरल

सत्य प्रकाश दीक्षित नाम के इंफ्लुएंसर ने ट्रेन यात्रा के दौरान एक वीडियो बनाया, जिसमें वह बर्थ की गंदगी दिखाते नजर आते हैं। वीडियो में वह बताते हैं कि ब्रेकफास्ट के दौरान उनके हाथ से थोड़ा खाना सीट पर गिर गया था। जब उन्होंने उसे टिशू से साफ करने की कोशिश की, तो बर्थ पर पहले से जमी गंदगी उनके गीले टिशू में चिपक गई।

यह देखकर वह हैरान रह गए। सत्य प्रकाश वीडियो में सवाल उठाते हैं कि जब 2AC का टिकट 4300 रुपये से ज्यादा का है, तो यात्रियों को ऐसी गंदी बर्थ क्यों दी जा रही है। वह यह भी कहते हैं कि राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेन में यात्रियों को इस हालत में सोने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

लोगों ने कहा- सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @thetrainguru नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा गया है कि राजधानी अब प्रीमियम नहीं रही, बल्कि इसकी असलियत गंदी बर्थ बनकर सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी सीट खुद साफ करनी पड़ी और सवाल किया कि इसके लिए जिम्मेदार रेलवे स्टाफ है या OBHS स्टाफ।

वीडियो को अब तक हजारों लोग देख चुके हैं और कमेंट सेक्शन में भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग यह कहते नजर आए कि राजधानी में चादर दी जाती है, लेकिन कई यूजर्स का मानना है कि चादर देने का मतलब यह नहीं कि सीटों की सफाई से समझौता किया जाए। वहीं कुछ यूजर्स ने सत्य प्रकाश से रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को टैग करने की भी सलाह दी है, ताकि इस मुद्दे पर कार्रवाई हो सके।

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