शनि शिंगणापुर देवस्थान ने 13 जून को बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर से कुल 167 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया। मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत सभी कर्मचारी यहां लगभग 10 सालों से कार्यरत थे। निकाले गए कर्मचारियों में 114 कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से थे। इस फैसले के कारण राज्य में हड़कंप मच गया। मुस्लिम पार्टी के नेताओं ने इसे भेदभाव बताया और इस फैसले का विरोध भी किया। ट्रस्ट की ओर से कहा गया उन्हें अनियमितता और अनुशासन का पालन न करने के कारण हटाया गया है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि आखिर इसके पीछे की असली वजह क्या है और क्यों इन 167 कर्मचारियों को मंदिर से निकाला गया।
शनि शिंगणापुर देवस्थान ने 13 जून को बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर से कुल 167 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया। मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत सभी कर्मचारी यहां लगभग 10 सालों से कार्यरत थे। निकाले गए कर्मचारियों में 114 कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से थे। इस फैसले के कारण राज्य में हड़कंप मच गया। मुस्लिम पार्टी के नेताओं ने इसे भेदभाव बताया और इस फैसले का विरोध भी किया। ट्रस्ट की ओर से कहा गया उन्हें अनियमितता और अनुशासन का पालन न करने के कारण हटाया गया है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि आखिर इसके पीछे की असली वजह क्या है और क्यों इन 167 कर्मचारियों को मंदिर से निकाला गया।






