16 सीटों के लिए महायुती की बिसात, विधानपरिषद चुनाव में भाजपा का पलड़ा भारी, जानें किस दल को मिली कितनी सीटें?

Mahayuti Seat Sharing Formula: Vidhan Parishad की 16 सीटों पर महायुती का संभावित फॉर्म्यूला सामने आया। भाजपा-शिंदे-अजित पवार गठबंधन की रणनीति और चुनावी शेड्यूल की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
Mahayuti Sets the Stage for 16 Seats: BJP Holds the Upper Hand in Legislative Council Elections Find Out Which Party Secured How Many Seats.
सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
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Vidhan Parishad Election 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की 16 विधानपरिषद सीटों के लिए चुनाव का कार्यक्रम घोषित होते ही महायुती और महाविकास आघाडी, दोनों खेमों में रणनीतिक हलचल शुरू हो गई है। ये सीटें स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के कोटे से भरी जाएंगी, जो आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

महायुती का गणित

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महायुती ने सीटों के बंटवारे के लिए एक संभावित फॉर्म्यूला तैयार कर लिया है। यद्यपि आधिकारिक घोषणा शेष है, लेकिन प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार-

  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): 12 सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है।
  • शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट): 3 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट): 2 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महायुती के इन तीनों घटक दलों के बीच तालमेल बिठाने के लिए कुछ सीटों की अदला बदली भी संभव है।

कहां-कहां होगा मुकाबला?

कुल 16 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में पूरे राज्य की नजरें इन निर्वाचन क्षेत्रों पर टिकी हैं, सोलापूर, अहिल्यानगर, ठाणे, जळगाव, सांगली, नांदेड, यवतमाळ, पुणे, भंडारा-गोंदिया, रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, नासिक, वर्धा-चंद्रपूर-गडचिरोली, अमरावती, उस्मानाबाद-लातूर-बीड, हिंगोली-परभणी और संभाजीनगर-जालना।

चुनाव का महत्वपूर्ण शेड्यूल

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, पूरी प्रक्रिया इस प्रकार संपन्न होगी

  • नामांकन प्रक्रिया: 25 मई से 1 जून 2026 तक
  • नामांकन छटनी: 2 जून 2026
  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 4 जून 2026
  • मतदान की तारीख: 18 जून 2026
  • नतीजे (मतगणना): 22 जून 2026

महाविकास आघाडी की चुनौती

एक ओर जहां महायुती अपने फॉर्म्यूले को अंतिम रूप दे रही है, वहीं दूसरी ओर महाविकास आघाडी (MVA) भी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। एमवीए के नेता अब अपने उम्मीदवारों के चयन और वोट बैंक को सुरक्षित रखने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। यह चुनाव केवल 16 विधायकों का चयन नहीं है, बल्कि यह राज्य की जमीनी हकीकत को मापने का सेमी-फाइनल माना जा रहा है। देखना यह होगा कि 22 जून को जब मतपेटियां खुलेंगी, तो बाजी किसके हाथ लगती है और कौन सा गठबंधन अपनी रणनीति में सफल होता है।

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