रोशनी सिंह 11-12 नवंबर से पेट में एसिडिक फ्लूइड (एब्डोमिनल ट्यूबरक्लोसिस) के इलाज के लिए वार्ड 21 में भर्ती हैं। उनके पति सागर ने ही इसका वीडियो बनाया और वायरल किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि कुछ बोतलें अगस्त में ही एक्सपायर हो चुकी थीं। पति के विरोध पर नर्सों ने कथित तौर पर कहा था कि वे एक्सपायरी के दो महीने बाद तक इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस बात को स्वीकार किया कि वह बोतल आईवी स्टैंड पर लगाई गई थी, लेकिन दावा किया कि सिस्टर के संज्ञान में आते ही इसे तुरंत हटा दिया गया था। अस्पताल अधीक्षक ने माना कि एक्सपायरी दवा का उपयोग करना प्रतिबंधित है और यह अक्षम अपराध है। इस लापरवाही की जांच के लिए पूरी समिति बना दी गई है, और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को इस दवा से कोई हानि नहीं हुई है और वह स्वस्थ है।
रोशनी सिंह 11-12 नवंबर से पेट में एसिडिक फ्लूइड (एब्डोमिनल ट्यूबरक्लोसिस) के इलाज के लिए वार्ड 21 में भर्ती हैं। उनके पति सागर ने ही इसका वीडियो बनाया और वायरल किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि कुछ बोतलें अगस्त में ही एक्सपायर हो चुकी थीं। पति के विरोध पर नर्सों ने कथित तौर पर कहा था कि वे एक्सपायरी के दो महीने बाद तक इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस बात को स्वीकार किया कि वह बोतल आईवी स्टैंड पर लगाई गई थी, लेकिन दावा किया कि सिस्टर के संज्ञान में आते ही इसे तुरंत हटा दिया गया था। अस्पताल अधीक्षक ने माना कि एक्सपायरी दवा का उपयोग करना प्रतिबंधित है और यह अक्षम अपराध है। इस लापरवाही की जांच के लिए पूरी समिति बना दी गई है, और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को इस दवा से कोई हानि नहीं हुई है और वह स्वस्थ है।






