अमित शाह ने सहकारिता आंदोलन को दी नयी संजीवनी, कानून बदलकर नए तरीके से कर रहे काम
सहकारिता की भावना को नया जीवन देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर देश को एक नई दिशा दिखाई। उन्होंने बताया कि वर्षों से बिखरा पड़ा सहकारिता आंदोलन अब नए तरीके से चलेगा...
- Written By: विजय कुमार तिवारी
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत राजधानी भोपाल में रविवार को एक राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और मध्यप्रदेश डेयरी फेडरेशन के बीच महत्वपूर्ण अनुबंधों का आदान-प्रदान हुआ। इस दौरा मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन और सहकारिता तीनों क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिसका हमें इनका शत प्रतिशत दोहन करने के लिए जोरशोर से काम करने की जरूरत है। सालों से देश में सहकारी आंदोलन सुस्त पड़ गया था, क्योंकि जरूरत के हिसाब से इनके कानूनों में बदलाव नहीं हुए। अब देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75 साल बाद पहली बार सहकारिता मंत्रालय बनाया और इसका पहला मंत्री होने के नाते हमने बीते साढ़े तीन साल में मेरे द्वारा इस क्षेत्र में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के तहत राजधानी भोपाल में रविवार को एक राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और मध्यप्रदेश डेयरी फेडरेशन के बीच महत्वपूर्ण अनुबंधों का आदान-प्रदान हुआ। इस दौरा मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन और सहकारिता तीनों क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिसका हमें इनका शत प्रतिशत दोहन करने के लिए जोरशोर से काम करने की जरूरत है। सालों से देश में सहकारी आंदोलन सुस्त पड़ गया था, क्योंकि जरूरत के हिसाब से इनके कानूनों में बदलाव नहीं हुए। अब देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75 साल बाद पहली बार सहकारिता मंत्रालय बनाया और इसका पहला मंत्री होने के नाते हमने बीते साढ़े तीन साल में मेरे द्वारा इस क्षेत्र में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए जा रहे हैं।
