उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से गांव में तबाही, तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता; बचाव कार्य जारी
Uttarakhand के चमोली जिले में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार देर रात चमोली जिले की तहसील देवाल के अंतर्गत आने वाले मोपाटा गांव में बादल फटने से भारी तबाही मच गई।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने के बाद का मंजर, फोटो- सोशल मीडिया
Cloudburst in Uttarakhand: चमोली में बादल फटने की भीषण घटना में एक दंपत्ति लापता हो गया है जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच हुई, जब तेज बारिश के साथ अचानक बादल फट गया।
अचानक आए मलबे के सैलाब ने कई मकानों और एक गोशाला को अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में गांव के तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे में दबकर करीब 15 से 20 मवेशियों के भी मरने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से गांव में चारों ओर मलबा फैला हुआ है और लोग दहशत में हैं।
प्रशासनिक टीमें मौके पर, राहत कार्य शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। सीडीओ चमोली अभिषेक त्रिपाठी ने एक वीडियो संदेश जारी कर घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि देर रात अतिवृष्टि के कारण ग्राम मोपाटा में एक भवन क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसमें 2 लोग घायल और 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।
सम्बंधित ख़बरें
UK Board Result: उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट जारी, 12th में 85% तो 10th में 98% पास, सीएम धामी ने दी बधाई
UK Board Result Out: उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित, इन 3 आसान तरीकों से चेक करें अपना रिजल्ट
उत्तराखंड के टिहरी में भीषण सड़क हादसा, खाई में गिरी कार, 8 लोगों की दर्दनाक मौत, मंजर देख कांप उठेंगी रूह
गर्मियों में भीड़ से हैं परेशान? उत्तराखंड के इन हिडन हिल स्टेशनों का बनाएं प्लान
बार-बार हो रही आपदाएं
यह पहली बार नहीं है जब चमोली जिले में इस तरह की आपदा आई है। इससे पहले, 22 अगस्त को भी चमोली के थराली विकासखंड में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई थी। उस दौरान भी मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आए मलबे से कई मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचा था। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उस घटना पर दुख जताते हुए जिला प्रशासन और एसडीआरएफ को तुरंत राहत और बचाव कार्यों में जुटने का निर्देश दिया था।
यह भी पढ़ें: ‘नारी 2025’ रिपोर्ट: भारत की 40% महिलाएं खुद को मानती हैं असुरक्षित, सबसे असुरक्षित हैं ये शहर
लगातार हो रही ये आपदाएं क्षेत्र की नाजुक भौगोलिक स्थिति को उजागर करती हैं और स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।
