यूपी में आपत्तिजनक पोस्ट करने पर अब नहीं खैर, नई सोशल मीडिया पॉलिसी में हो सकती है उम्रकैद

UP सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी लेकर आई है, उसमें अब आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने पर तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा भी दी जा सकेगी। देखा जाए तो यह लोकसभा चुनाव नतीजों के साइड इफेक्ट ही हैं। उत्तर प्रदेश में BJP का प्रदर्शन खराब रहा। हार की बड़ी वजह सोशल मीडिया को माना जा रहा है।
उत्तरप्रदेश, योगी सरकार
आज दिखाना होगा संपत्ति का ब्यौरा (सौ.फाइल फोटो)
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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार अब नई सोशल मीडिया पॉलिसी लेकर आई है, उसमें अब आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने पर तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा भी दी जा सकेगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर अब डिजिटल एजेंसी और फर्म के लिए विज्ञापन की व्यवस्था भी की गई है। सोशल मीडिया पॉलिसी को योगी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है।

बीते मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डिजिटल मीडिया नीति 2024 को मंजूरीदी गई है। इसमें सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या फिर राष्ट्र विरोधी पोस्ट करने सख्त कानूनी कार्रवाई के प्रावधान भी किये गए हैं। इसके तहत उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही इसमें सोशल मीडिया पर काम करने वाली एजेंसी व फर्म को विज्ञापन देने की व्यवस्था भी की गई है।

जानकारी दें कि अभी तक सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के लिए आईटी एक्ट की धारा 66 (E) और 66 (F) के तहत कार्रवाई होती थी। लेकिन योगी सरकार अब इसे नियंत्रित करने के लिए नई नीति लेकर आई है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल से लेकर उम्र कैद (राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में) तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

हालांकि X,यू ट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम के इंफ्यूलेसर को फॉलोअर्स की संख्या के हिसाब से हर महीने पैसे मिला करेंगे। बस शर्त ये है कि उन्हें यूपी सरकार का प्रचार प्रसार करना पड़ेगा। उन्हें सूचना विभाग में रजिस्ट्रेशन भी कराना पड़ेगा। अब अगर कभी यूपी सरकार को लगा कि कंटेंट अभद्र, अश्लील और राष्ट्र विरोधी है तो उन पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

इस नई पालिसी के तहत विज्ञापन का लाभ लेने के लिए कंटेंट प्रोवाइडर को चार श्रेणियों बांट दिया गया है। इसमें एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब में से प्रत्येक को सब्सक्राइबर व फॉलोअर्स के आधार पर यह वर्गीकरण किया गया है। एक्स, फेसबुक व इंस्टाग्राम के एकाउंट होल्डर, संचालक, इन्फ्लूएंसर को अधिकतम 5 लाख, 4 लाख, 3 लाख और 3 लाख रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। जबकि यू-ट्यूब पर वीडियो, शार्ट्स, पॉडकास्ट के लिए श्रेणीवार अधिकतम सीमा 8 लाख, 7 लाख, 6 लाख और 4 लाख प्रतिमाह निर्धारित है।

देखा जाए तो यह सब लोकसभा चुनाव नतीजों के साइड इफेक्ट ही हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश में BJP का प्रदर्शन खराब ही रहा है। पार्टी को 29 सीटों का नुकसान हुआ। इस हार की बड़ी वजह सोशल मीडिया में विपक्ष का भारी पड़ना माना जा रहा है। ऐसे में यूपी की योगी सरकार भी होमवर्क में जुट चुकी है। सरकार के कामकाज का प्रचार प्रभावी तरीके से करने के लिए सोशल मीडिया पॉलिसी तैयार की गई है।

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