UP में सरकारी वकीलों का बढ़ा भत्ता, किसानों को मक्के पर मिलेगी बंपर कीमत, योगी कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले

UP Cabinet Decision: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनता के लिए अपने खजाने खोल दिए हैं। योगी कैबिनेट की बैठक के दौरान किसानों, सरकारी वकीलों, परिवहन क्षेत्र और वाहन मालिकों से जुड़े अहम फैसले लिए गए।
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योगी आदित्यनाथ (IANS फाइल फोटो)
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UP Yogi Cabinet Issues Solved: उत्तर प्रदेश में किसानों, वाहन मालिकों और वकीलों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। योगी कैबिनेट ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। किसानों के लिए मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार 5 जून से मक्के की खरीद शुरू करेगी। यह व्यवस्था किसानों के लिए 31 जुलाई तक लागू रहेगी।

इस फैसले के परिणामस्वरूप, किसान अब अपनी मक्के की उपज के लिए बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। इस बीच, वकीलों के लिए, योगी कैबिनेट ने जिला अदालतों में सेवारत सरकारी वकीलों के मानदेय और भत्तों में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने सरकारी वकीलों के भत्तों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के तहत, रिटेनर फीस और प्रति कोर्ट सुनवाई मिलने वाली फीस में भी वृद्धि की गई है।

अपर जिला सरकारी वकीलों को भी इस कदम से लाभ हुआ है, क्योंकि उनके मानदेय में भी वृद्धि की गई है। इसके अलावा, महाधिवक्ता (Advocate General) की रिटेनर फीस को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1.25 लाख करने का एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिसे बाद में मंजूरी दे दी गई। योगी सरकार का मानना ​​है कि इन उपायों से न्यायिक कार्यवाही में अधिक दक्षता आएगी और सरकार की कानूनी स्थिति मजबूत होगी।

वाहन मालिकों के लिए राहत

योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने पूरे राज्य में लाखों वाहन मालिकों को राहत देने वाला एक फैसला लिया है। हालांकि इस फैसले के संबंध में विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी, लेकिन यह उम्मीद की जा रही है कि यह कदम बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को राहत प्रदान करेगा और उन्हें सीधा लाभ पहुंचाएगा।

इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा

राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। योगी कैबिनेट ने 18 शहरों में GCC (सकल लागत अनुबंध) मॉडल को अपनाया है और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दे दी है। इसके अतिरिक्त, वातानुकूलित (AC) बसों के संचालन के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। इस फैसले के पीछे सरकार का उद्देश्य प्रदूषण पर अंकुश लगाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।

जेलों और बुनियादी ढांचे से संबंधित फैसले

योगी कैबिनेट ने राज्य की जेलों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। जेलों के भीतर किसी कैदी की मृत्यु होने की स्थिति में मुआवजा देने वाली एक नीति को अब मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा, पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। मोहनलालगंज में एक नया रजिस्ट्री कार्यालय बनाने के लिए जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया गया। इस पहल से क्षेत्र के निवासियों के लिए रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान हो जाएंगी।

विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी

इस कैबिनेट बैठक के दौरान, खाद्य, जेल, सिंचाई, आबकारी और परिवहन सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों, कर्मचारियों, आम नागरिकों और सार्वजनिक सेवाओं को फायदा होगा, और साथ ही विकास कार्यों की गति भी तेज होगी।

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