शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shankaracharya Avimukteshwaranand: नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गिरफ्तारी की धमकी के बीच एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई करती भी है तो वे विरोध नहीं करेंगे और पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता देख रही है और सच सामने आएगा।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोप झूठे हैं और समय इस कहानी को झूठा साबित कर देगा। उन्होंने दावा किया कि वे मीडिया कैमरों की पहुंच में थे और प्रयागराज में हर जगह CCTV कैमरे लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एक वॉर रूम से निगरानी की है इसलिए पूरी घटना रिकॉर्ड हुई होगी।
शंकराचार्य ने कहा कि इस मामले में जिन लड़कों का नाम लिया जा रहा है, उन्होंने कभी उनके गुरुकुल में पढ़ाई नहीं की और न ही कभी गए। उन्होंने दावा किया कि छात्र हरदोई के एक स्कूल से जुड़े हैं, और उनकी मार्कशीट मामले में जमा की गई हैं, जिससे यह साफ है कि उनका गुरुकुल से कोई संबंध नहीं है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी सवाल उठाया कि अगर एक कथित CD को सार्वजनिक किया जा रहा है, तो उसका जिक्र क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सभी सवाल आने वाले दिनों में उठेंगे, और संबंधित पक्षों को इनका जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने के इरादे से काम कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सच को समझें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
#WATCH वाराणसी, उत्तर प्रदेश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, “अगर पुलिस हमें अरेस्ट करने के लिए एक्शन भी लेती है, तो भी हम उनका विरोध नहीं करेंगे। हम कोऑपरेट करेंगे। जनता सब देख रही है… झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। कहानी झूठी साबित होगी, आज नहीं तो कल, कल नहीं तो… pic.twitter.com/xUJqRY78uo — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2026
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस दर्ज होने के बाद से पुलिस हरकत में आ गई है। शनिवार रात को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर नामजद FIR दर्ज की। अगले दिन रविवार को उन्होंने शिकायत करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी से मिलकर ज़रूरी जानकारी और सबूत इकट्ठा किए।
माघ मेला 2026 के दौरान मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दिन संगम स्नान के लिए अपने काफिले के साथ जाते समय अविमुक्तेश्वरानंद को घंटों तक रोका गया। पुलिस और उनके शिष्यों के बीच हुई हाथापाई और कहासुनी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसके विरोध में अविमुक्तेश्वरानंद कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे।
इसके बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन से नोटिस भेजे गए। लड़ाई प्रयागराज मेला प्रशासन बनाम शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से योगी vs शकराचार्य तक आ पहुंची। इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य और पूज्यनीय होने की बात कही, तो बृजेश पाठक ने बटुकों की चोटी खींचने को ग़लत बताया।
इस विवाद के इतर आशुतोष ब्रह्मचारी ने मौनी अमावस्या के दिन झूंसी पुलिस स्टेशन में अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। तब से यह झगड़ा चल रहा है। माघ मेले के आखिरी दिनों में आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी समेत अन्य पर नाबालिग छात्रों का यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
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इस मामले में जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने उन छात्रों के बयान भी दर्ज किए जिनका कथित तौर पर यौन शोषण हुआ था। कोर्ट के आदेश पर झूंसी पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 351(3) और यौन अपराधों की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।