’14 साल बाद सब्जी-भाजी…’, हमीरपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सरकार पर तीखा हमला, जानें क्या कहा
Shankaracharya Avimukteshvaranand: ज्योतिषमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सरकार और राजनेताओं के 'दिखावटी हिंदुत्व' पर कड़ा प्रहार किया है। देखिए ये वीडियो-
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Shankaracharya Avimukteshvaranand Hamirpur Visit: ज्योतिषमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सरकार और राजनेताओं के ‘दिखावटी हिंदुत्व’ पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं के लिए गाय सिर्फ 14 साल तक माँ है और उसके बाद वह महज व्यापार की वस्तु बनकर रह जाती है।
‘गविष्ट गौ रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा’ के दौरान उत्तर प्रदेश के हमीरपुर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने देश की वर्तमान सियासत और गौ-संरक्षण के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने नेताओं के हिंदुत्व को केवल चुनावी लाभ तक सीमित बताया और कई गंभीर सवाल खड़े किए।
नेताओं के लिए गाय केवल 14 साल तक मां है
शंकराचार्य ने कहा कि जो पार्टियां सुबह से शाम तक गाय और हिंदुत्व के नाम पर वोट बैंक की फसल काटती हैं, उनकी नजर में गाय सिर्फ 14 साल की उम्र तक मां रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद गाय को ‘सब्जी और भाजी’ (मांस) की तरह देखा जाता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री के बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि इन नेताओं की बातें इनके सीमित और राजनीतिक हिंदुत्व को बेनकाब करती हैं।
Shankaracharya Avimukteshvaranand Hamirpur Visit: ज्योतिषमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सरकार और राजनेताओं के ‘दिखावटी हिंदुत्व’ पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं के लिए गाय सिर्फ 14 साल तक माँ है और उसके बाद वह महज व्यापार की वस्तु बनकर रह जाती है।
‘गविष्ट गौ रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा’ के दौरान उत्तर प्रदेश के हमीरपुर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने देश की वर्तमान सियासत और गौ-संरक्षण के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने नेताओं के हिंदुत्व को केवल चुनावी लाभ तक सीमित बताया और कई गंभीर सवाल खड़े किए।
नेताओं के लिए गाय केवल 14 साल तक मां है
शंकराचार्य ने कहा कि जो पार्टियां सुबह से शाम तक गाय और हिंदुत्व के नाम पर वोट बैंक की फसल काटती हैं, उनकी नजर में गाय सिर्फ 14 साल की उम्र तक मां रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद गाय को ‘सब्जी और भाजी’ (मांस) की तरह देखा जाता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री के बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि इन नेताओं की बातें इनके सीमित और राजनीतिक हिंदुत्व को बेनकाब करती हैं।
