अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण मामले में पुलिसिया एक्शन शुरू, वाराणसी स्थित आश्रम पहुंची पुलिस की टीम

Avimukteshwaranand Case Update: प्रयागराज पुलिस स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज यौन शोषण के मामले में आश्रम पहुंच गई है। टीम पीड़ितों के बयान दर्ज करने और मेडिकल टेस्ट कराने की तैयारी में है।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, फोटो- सोशल मीडिया
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Swami Avimukteshwaranand POCSO Case: प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस अब एक्शन मोड में है। डीसीपी के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय विशेष टीम ने सोमवार से साक्ष्य जुटाने और पीड़ितों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मामले की संवेदनशीलता और इसके हाई-प्रोफाइल होने को देखते हुए प्रयागराज पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है। इस पांच सदस्यीय टीम का नेतृत्व डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य कर रहे हैं, जिसमें एसीपी झूंसी और इंस्पेक्टर झूंसी सहित अन्य अनुभवी पुलिसकर्मी शामिल हैं। सोमवार को जांच प्रक्रिया के पहले चरण में टीम उस स्थान पर पहुंची जहां कथित तौर पर घटना हुई थी। पुलिस ने माघ मेला शिविर के उस विशिष्ट स्थान का 'नक्शा नजरी' तैयार किया है, जिसे जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। अब पुलिस के आश्रम में पहुंचने और जांच शुरू करने के बाद कई बातें स्पष्ट हो सकती हैं।

पीड़ितों के बयान और मेडिकल जांच पर फोकस

पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र अभी उन दो पीड़ितों तक पहुंचना है, जिन्होंने स्वामी और उनके शिष्य पर माघ मेला शिविर और बाहर खड़ी गाड़ी में यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य की टीम शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी और दोनों पीड़ितों के बयान दर्ज करने के लिए रवाना हो चुकी है। सूचना के अनुसार, पीड़ित पक्ष फिलहाल लखनऊ में है, इसलिए पुलिस पहले उनका मेडिकल परीक्षण कराएगी और उसके बाद उनके 'कलम बंद' बयान दर्ज किए जाएंगे। इन बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी की दिशा तय करेगी।

अविमुक्तेश्वरानंद का रुख: 'जांच में करेंगे पूरा सहयोग'

FIR दर्ज होने और पुलिस जांच शुरू होने के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि वे जांच से भागेंगे नहीं और पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि "उनके मठ के दरवाजे पुलिस के लिए हमेशा खुले हैं।" गिरफ्तारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस को जो उचित लगेगा, वह वैसा करेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी साझा की कि उनकी लीगल टीम अब अग्रिम कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है और कई बड़े वकीलों ने उनका केस मुफ्त में लड़ने की पेशकश की है।

शिकायतकर्ता के इतिहास पर उठाए सवाल

अपनी सफाई पेश करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले में पैरवी कर रहे आशुतोष ब्रह्मचारी के आपराधिक इतिहास पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। स्वामी का दावा है कि शिकायतकर्ता आशुतोष कांधला थाना क्षेत्र का एक हिस्ट्रीशीटर है और उस पर पूर्व में 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित रह चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि "जनता सब देख रही है" और अंततः दोनों न्यायालयों- ऊपर वाले के और जमीनी अदालत में उन्हें न्याय मिलेगा। स्वामी ने इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयानों को जनता की आवाज बताते हुए उनका समर्थन भी किया।

गंभीर धाराओं के तहत दर्ज है मामला

बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज किया गया है। FIR में उनके शिष्य मुकुंदानंद का नाम भी शामिल है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्य और चश्मदीदों के बयानों के जरिए मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

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