Share Market: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी लाल निशान पर, IT शेयरों में दिखी तेजी

Sensex Nifty Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 204 अंक और निफ्टी 94 अंक नीचे गिरा। IT सेक्टर में बढ़त रही, जबकि ट्रेड घाटा और बेरोजगारी बढ़ने से बाजार पर दबाव बना रहा।
Share Market Update: Sensex Falls 200 Points, Nifty Down as Investors Eye Global Cues
भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट (सोर्स-सोशल मीडिया)
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India Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार, 17 फरवरी को पिछले सत्र की शानदार तेजी पर अचानक ब्रेक लगता हुआ साफ नजर आया। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों के दबाव के बीच बेंचमार्क सूचकांक आज भारी गिरावट के साथ खुले। निवेशकों ने अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता और बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर बाजार में काफी सतर्कता बरती है जिससे बिकवाली बढ़ गई है। हालांकि इस गिरावट के बावजूद IT सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों में आज मामूली सुधार देखा गया है जो राहत की बात है।

सूचकांकों में गिरावट का दौर

सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 204 अंक लुढ़क गया। गिरावट के इस कड़े रुख के कारण सेंसेक्स 83,072 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 94 अंकों के नुकसान के साथ 25,588 के स्तर पर है। आज बाजार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव हावी रहा, जिससे निवेशकों की धारणा काफी कमजोर होती हुई दिखाई दी और सूचकांक नीचे चले गए।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

बाजार की इस सुस्ती के बीच IT सेक्टर के शेयरों जैसे इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और HCL टेक ने अपनी बढ़त को मजबूती से बरकरार रखा। एशियन पेंट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) भी निफ्टी के टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल होकर आज अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर हिन्डाल्को, श्रीराम फाइनेंस, क्वॉलिटी और मैक्स हेल्थ जैसे बड़े शेयरों में भारी गिरावट का दौर देखा गया जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

वैश्विक बाजारों का असर

एशियाई बाजारों में आज गिरावट का माहौल रहा, जहां जापान का निक्केई सूचकांक 0.5 प्रतिशत गिर गया और टॉपिक्स 0.2 प्रतिशत तक बुरी तरह टूट गया। अमेरिका का वॉल स्ट्रीट बाजार सोमवार को राष्ट्रपति दिवस की छुट्टी के कारण बंद था, जिससे वैश्विक स्तर पर कोई स्पष्ट और दिशात्मक संकेत नहीं मिले। चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार भी चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के चलते आज बंद रहे, जिससे बाजार की तरलता में कमी दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में होने वाली परमाणु वार्ता से पहले मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और जोखिम काफी हद तक बढ़ गया है। इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जहां ब्रेंट क्रूड 1.33 प्रतिशत बढ़कर 68.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार की मुद्रास्फीति और व्यापार घाटे पर पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है जिससे निवेशक डरे हैं।

घरेलू आर्थिक दबाव

भारत की बेरोजगारी दर जनवरी 2026 में बढ़कर 5 प्रतिशत हो गई है, जो दिसंबर 2025 में 4.8 प्रतिशत के निचले स्तर पर दर्ज की गई थी। श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में श्रमिक भागीदारी में गिरावट दर्ज की गई है जो देश के लिए चिंताजनक संकेत है। इसके अतिरिक्त जनवरी में आयात बढ़ने के कारण भारत का व्यापारिक व्यापार घाटा भी बढ़कर 34.68 अरब डॉलर के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है जो रिकॉर्ड है।

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