राम मंदिर निर्माण में अचानक बड़ा बदलाव! इस एक फैसले से चमचमाएगा पूरा परिसर

राम मंदिर निर्माण समिति नें निर्माण कार्य में एक बड़ा बदलाव किया है। मंदिर के प्रथम तल पर लगे कुछ पत्थरों को हटाकर उसके स्थान पर अब मकराना के पत्थर लगेंगे।
राम मंदिर निर्माण में अचानक बड़ा बदलाव!
राम मंदिर
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अयोध्या: जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रभु राम का मंदिर बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं मंदिर के तीन चरणों में से एक चरण का कार्य भी अब तक पूरा हो चुका है। लेकिन इन सबके बीच राम मंदिर निर्माण समिति से मिली एक बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। इस खबर की मानें तो राम मंदिर निर्माण कार्य में एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है।

मंदिर निर्माण कार्य में एक बड़ा बदलाव

जानकारी दें कि, राम मंदिर निर्माण समिति की महीने में दो बार बैठक होती है। वहीं इस बार की बैठक में एक बड़ा फैसला भी लिया गया है। इस फैसले के अनुसार राम मंदिर के प्रथम तल पर लगे कुछ पत्थरों को हटाकर उसके स्थान पर अब मकराना के पत्थर लगेंगे। दरअसल राम मंदिर के प्रथम तल पर लगे कुछ पत्थरों को कमजोर बताया गया है। हालांकि यह सभी पुराने पत्थर हैं। ऐसे में अब इन पथरों को हटाकर मकराना के पत्थर लगेंगे। जिसकी जानकारी खुद भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष निरूपेंद्र मिश्र ने दी है। यहां पढ़ें - सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, AMU का अल्पसंख्यक दर्जा रहेगा कायम

सप्त ऋषियों के मंदिर का भी निर्माण

इतना ही नहीं जल्द ही राम मंदिर परिसर में सप्त ऋषियों के भी मंदिर के निर्माण होने हैं। प्लान के अनुसार मंदिर परिसर में सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि का मंदिर में प्रवेश होगा। जहां राम भक्त प्रभु राम से पहले महर्षि वाल्मीकि का दर्शन करेंगे। वाल्मीकि के ठीक सामने 7वां मंदिर महर्षि अगस्त मुनि का होगा। इसी बीच एक छोटा सा तालाब भी बनेगा, ताकि श्रद्धालु प्रभु राम के मंदिर में प्रवेश करने से पहले आचमन कर सकें।

गौरतलब है कि, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। बीते 22 जनवरी को प्रभु राम अपने मंदिर में विराजमान भी हो चुके हैं। वहीं प्रभु राम के विराजमान होने के बाद प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा राम भक्त दर्शन पूजन-दशर्न भी कर रहे हैं, लेकिन मंदिर निर्माण में किसी भी प्रकार की कोई भी कमी ना रह पाए। इसको लेकर समय-समय पर बैठकें होती रहती हैं।

जानकारी दें कि, अयोध्या में सरयू नदी के तट पर बीते 30 अक्टूबर को आठवें दीपोत्सव के अवसर पर दो विश्व रिकॉर्ड बने थे। इसमें एक साथ सबसे अधिक लोगों द्वारा आरती करने और सबसे अधिक दीये जलाने के दो ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाए गए। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद इस पहले दीपोत्सव पर इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने अनूठी पहल की थी। इसमें पहली बार 1121 वेदाचार्यों ने एक साथ सरयू नदी की आरती की थी। सभी वेदाचार्य एक ही रंग के परिधान में एक स्वर में आरती की थी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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