अब गैर-हिंदू छात्रों के पर गिरेगी गाज, ST कोटा का लाभ उठाने वालों पर महाराष्ट्र सरकार करेगी कार्रवाई

महाराष्ट्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के 200 से ज्यादा छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है, जो हिंदू आदिवासी उम्मीदवारों के रूप में आरक्षण लाभ का दावा करते हुए हिंदू धर्म के अलावा दूसरे धर्म का पालन करते पाए गए थे।
महाराष्ट्र सरकार एसटी कोटा का लाभ उठाने वाले गैर-हिंदू छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
छात्रों के खिलाफ कार्रवाई (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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मुंबई : हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने ये पाया है कि कुछ छात्र हिंदू आदिवासी उम्मीदवार के तौर पर आरक्षण का लाभ ले रहे है लेकिन वे हिंदू धर्म के अलावा किसी और धर्म का पालन कर रहे है। ऐसे छात्रों के खिलाफ अब महाराष्ट्र सरकार कार्रवाई करने वाली है।

महाराष्ट्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के 257 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है, जो हिंदू आदिवासी उम्मीदवारों के रूप में आरक्षण लाभ का दावा करते हुए हिंदू धर्म के अलावा दूसरे धर्म का पालन करते पाए गए थे।

योजना का उठा रहे फायदा

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस जांच के लिए गठित एक समिति ने जानकारी दी कि अनुसूचित जनजाति के 13,858 छात्रों में से 257 छात्रों ने हिंदू धर्म के अलावा अन्य धर्मों का धर्मांतरण कराया था। ये छात्र एडमिशन के बाद अपना धर्मांतरण कर चुके है फिर भी इस आरक्षण का लाभ ले रहे है।

कार्रवाई के दिए आदेश

2023 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया के दौरान यह पता चला कि कुछ छात्र, जो आदिवासी समुदायों से दूसरे धर्मों में परिवर्तित हो गए, लेकिन वे अभी भी आदिवासियों के लिए आरक्षित लाभों का फायदा उठा रहे थे।

इस मामले के सामने आते ही कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने शीतकालीन सत्र 2023 के दौरान गहन जांच के आदेश दिये थे। कौशल विकास विभाग ने इन छात्रों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है और आगे की कार्यवाही के लिए रिपोर्ट आदिवासी विकास विभाग को भेज दी गई है।

इसके अतिरिक्त, समिति ने आदिवासी समुदाय की संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं को संरक्षित करने के लिए कई उपाय प्रस्तावित किए हैं, जिन्हें आदिवासी विकास विभाग को भी प्रस्तुत किया गया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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