

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में राजपूत करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा राणा सांगा की जयंती के उपलक्ष्य में रक्त स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र हुए। उनके हाथों में झंडे और डंडे दिखाई दिए तो कुछ के हाथों में तलवारें भी लहराती हुईं दिखाई दीं।
करणी सेना ने पहले ही अह्वान किया था। जिसके चलते आगरा पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आई। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल दिखाई दिया। ऐसा लगा मानों आगरा पुलिस का किला बन गया हो। दूसरी तरफ जब सम्मेलन चल रहा था तो पुलिस की एक टुकड़ी वहां पहुंच गई, जिसके बाद कार्यकर्ता और नेता भड़क गए और पुलिस के खिलाफ हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान करणी सेना के सदस्यों में उबाल आ गया और वे पुलिस प्रशासन के आयोजन स्थल पर आने से भड़क गए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के खिलाफ भी कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
आगरा में आयोजित करणी सेना के कार्यक्रम में पुलिस के पहुंचने पर कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने पूछा कि संगठन के कार्यक्रम में पुलिस बल क्यों भेजा गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए तलवारें निकाल लीं। उन्होंने तलवारें और लाठियां निकाल लीं और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
यह देख पुलिस कार्यक्रम स्थल से लौट गई। अपर आयुक्त समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। कार्यक्रम में तीन लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए एहतियात के तौर पर पुलिस वहां पहुंची थी, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा। उत्तर प्रदेश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
करनी सेना ने एक दिन पहले ही सपा सांसद सुमन को चेतावनी दी थी कि अगर वह राणा सांगा पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगते हैं तो संगठन के कार्यकर्ता उनके घर की ओर कूच करेंगे। भारत के वीर सपूतों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करणी सेना की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन और योगी सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फोर्स तैनात कर दी है।