राहुल गांधी ही ‘रॉल विंची’ हैं...कोर्ट में याचिकाकर्ता ने रखी दलीलें, जानें कोर्ट ने क्या कहा

Rahul Gandhi British Citizenship Case: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े मामले की सुनवाई लखनऊ की MP-MLA कोर्ट में हुई।
After appearing in Sultanpur court, Rahul Gandhi termed the allegations as political
राहुल गांधी (Image- Social Media)
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Rahul Gandhi Citizenship Case: राजधानी लखनऊ की MP-MLA कोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े आपराधिक मामले की सुनवाई मंगलवार को हुई। करीब दो घंटे तक चली बहस के दौरान याचिकाकर्ता ऐस विग्नेश शिशिर ने स्वयं खड़े होकर अपनी दलीलें पेश कीं और कई साक्ष्य व दस्तावेज कोर्ट के समक्ष रखे।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ही ‘रॉल विंची’ हैं। उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद यह मामला रायबरेली से स्थानांतरित होकर लखनऊ पहुंचा है। इससे पहले 6 जनवरी को हुई सुनवाई में भी याचिकाकर्ता ने यही तर्क दिया था और इसके समर्थन में कई कागजात अदालत में प्रस्तुत किए थे।

आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग

इस मामले में याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत, जिनमें आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम शामिल हैं, शिकायत दर्ज कराई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिसंबर 2025 में सुरक्षा कारणों और निष्पक्ष सुनवाई को ध्यान में रखते हुए मामले को लखनऊ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।

कांग्रेस ने बताया राजनीतिक साजिश

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने ब्रिटिश सरकार के दस्तावेजों और ईमेल का भी हवाला दिया। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। केंद्र सरकार और ब्रिटिश अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी जा चुकी है, हालांकि अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े सीलबंद दस्तावेज उचित अनुमति मिलने के बाद ही रिकॉर्ड पर स्वीकार किए जाएंगे।

दोहरी नागरिकता क्या होती है?

दोहरी नागरिकता का अर्थ ऐसे व्यक्ति से है, जिसके पास एक ही समय में दो या उससे अधिक देशों की नागरिकता होती है। यदि किसी व्यक्ति के पास दोहरी नागरिकता है, तो उसे एक से ज्यादा देशों के पासपोर्ट रखने का अधिकार होता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति ब्रिटेन और अमेरिका दोनों का नागरिक है, तो उसके पास इन दोनों देशों के पासपोर्ट हो सकते हैं।

दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को संबंधित देशों में राजनीतिक अधिकार भी मिलते हैं, जैसे मतदान करने और चुनाव लड़ने का हक। इसके अलावा, उसे उन देशों में बिना वीज़ा या वर्क परमिट के रहने, काम करने और आने-जाने की सुविधा भी प्राप्त होती है।

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