

Divisional Commissioner Inspection Of Prayagraj Gaushala: जसरा ब्लॉक के बड़ी काटी गांव स्थित गौशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी। सोमवार को मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने गौशाला का औचक निरीक्षण किया तो मौके पर व्यापक गंदगी, जलभराव, अवरुद्ध नालियां और गोवंश के रखरखाव में गंभीर लापरवाही मिली। स्थिति देखकर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान गौशाला परिसर में जगह-जगह गोबर, सिल्ट और कूड़ा जमा मिला। नालियां अवरुद्ध थीं और बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी व गीलापन था। गोवंश के बैठने के स्थान भी गंदे और स्वच्छहीन पाए गए। कई गोवंश खुले में घूमते मिले, जबकि कुछ घायल अवस्था में थे। उनके उपचार और देखभाल की समुचित व्यवस्था भी मौके पर नहीं मिली।
गौशाला कर्मचारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि उन्हें कई माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। पिछले चार माह से भूसे की आपूर्ति भी नहीं हुई है और वर्तमान में करीब दस दिन का ही भूसा बचा है। कर्मचारियों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें मिलने वाला मानदेय मनरेगा के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर मंडलायुक्त ने जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई।
गौशाला की गंभीर स्थिति को देखते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित सहायक विकास अधिकारी पंचायत और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने को कहा गया। पूर्व में सभी गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देशों का पालन न होने पर मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने बारिश और गौशाला की बदहाल स्थिति को देखते हुए गोवंश को तत्काल सुरक्षित, सूखे और पर्याप्त सुविधाओं वाले स्थान पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी को जिले की सभी गौशालाओं का सत्यापन और स्थलीय निरीक्षण कराने को कहा। जहां जलभराव या अन्य अव्यवस्था मिले, वहां गोवंश को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
गौशाला से लौटते समय मंडलायुक्त ने बड़ी काटी गांव में बच्चों की भीड़ देखी। जानकारी करने पर पता चला कि प्राथमिक विद्यालय गांव से करीब एक किलोमीटर दूर है और बच्चों को राजमार्ग पार करके स्कूल जाना पड़ता है। हाल में हाईवे पार करते समय दो बच्चों के घायल होने के बाद कई छोटे बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है।
बच्चों की अनुपस्थिति पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही बीएसए को एक शिक्षामित्र की ड्यूटी लगाने को कहा जो बच्चों को गांव से राजमार्ग पार कराकर सुरक्षित स्कूल पहुंचाएगा और छुट्टी के बाद उन्हें वापस गांव तक छोड़ेगा।