कड़ाके की ठंड को मात देकर माघी पूर्णिमा पर रिकॉर्ड स्नान, 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पवित्र डुबकी
Maghi Purnima Snan Prayagraj 2026: प्रयागराज माघ मेले में माघी पूर्णिमा के अवसर पर 2.10 करोड़ लोगों ने गंगा-यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Magh Mela Sangam bath records (सोर्सः सोशल मीडिया)
Triveni Sangam Aarti Magh Mela: संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित हो रहे माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्वों में से एक ‘माघी पूर्णिमा’ पर रविवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद, रविवार शाम 6 बजे तक लगभग 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम और गंगा के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाई।
ठंड और कोहरे पर भारी पड़ी आस्था
मेला प्राधिकरण के अनुसार, श्रद्धालुओं का आगमन शनिवार आधी रात से ही शुरू हो गया था। जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि सुबह के समय दृश्यता (visibility) काफी कम थी, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर सभी घाटों पर एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों के साथ नाविकों और गोताखोरों की तैनाती की गई थी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से की जा रही है।
कल्पवासियों का एक माह का कठिन कल्पवास संपन्न
माघी पूर्णिमा का दिन उन कल्पवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है जो संगम तट पर एक महीने से ‘कल्पवास’ (साधना) कर रहे थे। त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि लगभग 5 लाख कल्पवासियों का एक महीने का संयमित जीवन और साधना आज अंतिम स्नान के साथ संपन्न हो गई। कल्पवासियों के परिजन उन्हें लेने के लिए मेला क्षेत्र पहुंचे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी भीड़ देखी गई।
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प्रशासनिक चाक-चौबंद और बुनियादी सुविधाएं
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 800 हेक्टेयर में फैले इस विशाल मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
- सफाई व्यवस्था: 25 हजार से अधिक शौचालय और 3,500 सफाईकर्मियों की तैनाती।
- सुरक्षा बल: सुगम आवागमन और सुरक्षा के लिए 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात।
- पार्किंग: वाहनों के दबाव को देखते हुए 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
- घाटों का निर्माण: श्रद्धालुओं के लिए कुल 12,100 फुट लंबे सुरक्षित घाट बनाए गए हैं।
माघ मेले का आगामी समापन
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, माघी पूर्णिमा के साथ ही मेले का सबसे बड़ा चरण पूरा हो गया है। अब आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व के साथ माघ मेला 2025-26 का विधिवत समापन हो जाएगा। पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि भीड़ के नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।
