माघ पूर्णिमा(सौ.सोशल मीडिया)
Magh Purnima Ke Din Kiski Puja karni Chahiye: हर साल की तरह इस बार भी माघ पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा। जिसे माघी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस बार यह शुभ एवं पावन तिथि 1 फरवरी 2026 दिन रविवार को है। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है।
पूर्णिमा तिथि पर देवता पृथ्वी पर विचरण करने आते हैं, इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। बहुत से लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर माघ पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर किसकी पूजा अर्चना करनी चाहिए और इस शुभ दिन पर किन चीजों का दान व सेवन करना चाहिए?
शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा की शुभ तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, व्रत, देवी-देवताओं की पूजा अर्चना, दान और चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता हैं। पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य दिया जाता है, जिससे कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है और व्रत भी पूर्ण होता है।
माघ पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान की पूजा करने का भी विधान है और पूजा करके सत्यनारायण भगवान की व्रत कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
पूर्णिमा व्रत में सात्विक चीजें जैसे जल, फल, दूध आदि चीजों का सेवन किया जाता है। कई भक्त केवल जल पीकर उपवास करते हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करते हैं।
वहीं कुछ लोग पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। इस दिन चाय, कॉपी, मसाले, अनाज, नमक आदि का सेवन करना वर्जित बताया गया है।
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत- 1 फरवरी 2026 की सुबह 05:52 से
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति- 2 फरवरी की सुबह 03:38 बजे
उदयातिथि की मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा का व्रत 1 फरवरी को ही रखा जाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 17 मिनट तक
प्रात: संध्या- सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 13 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 1 बजकर 15 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक
यह भी पढ़ें- माघ पूर्णिमा के दिन करें कौड़ी के ये उपाय, माता लक्ष्मी हो जाएंगी प्रसन्न!
माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा करना भी बेहद शुभ माना जाता है। 1 फरवरी को चंद्रोदय शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा इसके बाद आप चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं और पूजा-पाठ कर सकते हैं।