जिस जेल में हुई थी मुख्तार की मौत… उसी के बगल में शिफ्ट किए गए अतीक के बेटे, पुलिस लेकर हुई रवाना
Ali Ahmed News: माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल में स्थानांतरित किया गया है। अली अहमद पर कई मामलों में केस दर्ज है।
- Written By: अमन उपाध्याय
मुख्तार के बेटे अली अहमद को शिफ्ट किया गया झांसी जेल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Uttar Pradesh News: माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से झांसी जेल स्थानांतरित किया गया है। बुधवार सुबह 6.10 बजे पुलिस उसे नैनी जेल से लेकर झांसी की ओर रवाना हुई। लगभग 420 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद, सात घंटे में वह झांसी जेल पहुंच जाएगा।
अली पिछले तीन सालों से नैनी जेल में बंद थे। सूत्रों के अनुसार, उनके जेल बदलने का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि नैनी जेल में उनकी गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने यह अहम फैसला लिया। गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी भी झांसी से कुछ ही दूरी पर स्थित बांदा जेल में बंद थे।
इन गतिविधियों को लेकर उठा कई बार सवाल
जानकारी के अनुसार, नैनी जेल में रहते हुए अली की गतिविधियों को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। जेल में मिलने आए अधिवक्ताओं को कैश देने जैसे मामलों की भी चर्चा हुई थी। इसी वजह से माना जा रहा है कि शासन ने उनकी जेल बदलने का निर्णय लिया। अली के स्थानांतरण के लिए शासन के उप सचिव सूर्य प्रकाश मिश्र ने पत्र जारी किया। नैनी जेल के वरिष्ठ अधीक्षक विजय विक्रम के अनुसार, बुधवार भोर में शासन के आदेश पर पुलिस फोर्स पहुंची और अली को उनके हवाले कर दिया गया। इसके बाद उन्हें झांसी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।
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इन मामलों में है आरोपी
बता दें कि अली अहमद पर अपने ही रिश्तेदार और प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप है। फरार रहने के बाद अली ने कोर्ट में सरेंडर किया, और उसे नैनी जेल में भेज दिया गया। इसके अलावा, वह प्रदेश के चर्चित उमेश पाल और दो सिपाहियों की 24 फरवरी 2023 को दिनदहाड़े हुई हत्या की साजिश में शामिल था। पुलिस के अनुसार, यह साजिश जेल से ही रची गई थी। उमेश पाल की हत्या से पहले अली से नैनी जेल में कई लोगों की मुलाकात हुई थी, जिनमें बमबाज गुड्डू मुस्लिम, गुलाम और सदाकत शामिल थे। इन मुलाकातों का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगा। इसके बाद अली को उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी बनाया गया। इस मामले में अतीक के बड़े बेटे मोहम्मद उमर को भी आरोपी घोषित किया गया है।
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गोली मारकर की गई थी हत्या
याद दिला दें कि 24 फरवरी 2023 को धूमनगंज थाना क्षेत्र के जयंतीपुर इलाके में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की बम और गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद बाहुबली माफिया अतीक अहमद, उनके छोटे भाई खालिद अजीम उर्फ़ अशरफ और उनके गैंग के अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने अतीक के बड़े बेटे उमर अहमद और दूसरे बेटे अली अहमद को कोर्ट से रिमांड पर लिया था।
करीब डेढ़ महीने बाद, 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और अशरफ की प्रयागराज में हत्या कर दी गई। यह हमला तब हुआ जब दोनों को कॉल्विन अस्पताल मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया जा रहा था। शनिवार रात करीब 10:35 बजे, महज 35 सेकंड के अंदर, अज्ञात हमलावरों ने 18 राउंड फायरिंग कर माफिया और उनके भाई अशरफ को मौत के घाट उतार दिया।
