

नवभारत डिजिटल टीम: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती (Mayawati) के एक फैसले ने सभी को चौंका दिया है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद (Akash Anand) को नेशनल कोओर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी के पद से हटाने का फैसला लिया है। उन्होंने इसके पीछे की वजह पूर्ण परिपक्वता (maturity) बताई है।
बसपा प्रमुख मायावती ने अपने आधिकारिक एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, "विदित है कि बीएसपी एक पार्टी के साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान तथा सामाजिक परिवर्तन का भी मूवमेन्ट है जिसके लिए मान्यवर कांशीराम व मैंने खुद भी अपनी पूरी जिंदगी समर्पित की है और इसे गति देने के लिए नई पीढ़ी को भी तैयार किया जा रहा है।"
उन्होंने आगे लिखा, "इसी क्रम में पार्टी में अन्य लोगों को आगे बढ़ाने के साथ ही आकाश आनन्द को नेशनल कोओर्डिनेटर व अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, किन्तु पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता (maturity) आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है।"
मायावती ने यह भी लिखा, "जबकि इनके पिता आनन्द कुमार पार्टी व मूवमेन्ट में अपनी जिम्मेदारी पहले की तरह ही निभाते रहेंगे। अतः बीएसपी का नेतृत्व पार्टी व मूवमेन्ट के हित में और डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के कारवां को आगे बढ़ाने में हर प्रकार का त्याग व कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटने वाला है।"
सीतापुर में एक चुनावी रैली में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद और चार अन्य के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, जिला प्रशासन द्वारा दिन की शुरुआत में रैली में आनन्द के भाषण का स्वत: संज्ञान लेने के बाद यह कार्रवाई की गई। बसपा नेता ने अपने भाषण में कहा था, "यह सरकार बुलडोजर सरकार और गद्दारों की सरकार है। जो पार्टी अपने युवाओं को भूखा छोड़ती है और बुजुर्गों को गुलाम बनाती है वह आतंकवादी सरकार है।'' प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बसपा ने बिना कोई कारण बताए पिछले दिनों आकाश आनन्द की सभी प्रस्तावित रैलियों को स्थगित कर दिया था।