कुमार विश्वास (Image- Social Media)
UP Politics: नेताओं का राजनीति छोड़ कवि हो जाना आम बात है, लेकिन कवि का नेता बनना यह दर्शाता है कि उनके मन में राजनीति में सक्रिय होने की इच्छा भी है। ऐसे ही कवि और राजनीतिक व्यक्तित्व का मिश्रण आज के दौर में सबसे ज्यादा जुड़ता है कुमार विश्वास के नाम से।
हाल ही में कुमार विश्वास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे बृजेश पाठक के लिए कुछ हंसी-मज़ाक भरे शब्द कह रहे हैं। यह वीडियो उसी कार्यक्रम का है जिसमें उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी मौजूद थे और कुमार विश्वास के साथ हंसी-मजाक करते हुए निकल गए।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर दो रायें बन गई हैं। एक तरफ लोग इसे हल्के-फुल्के मजाक के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे राज्यसभा न भेजे जाने की खीझ बताई जा रही है। दरअसल, बीजेपी के साथ उनकी नजदीकियों को देखते हुए हर कोई यही अनुमान लगा रहा था कि कुमार विश्वास को राज्यसभा भेजा जाएगा। ऐसे में सोशल मीडिया पर यह वायरल वीडियो उनकी खीझ के रूप में पेश किया जा रहा है।
वीडियो में कुमार विश्वास ने कहा, “आपने जो चार घंटे सुनवाया, उसके लिए मैं आभारी हूं, और कैसे-कैसे लोग सुनाकर निकल गए। वो बृजेश पाठक बताओ। दोनों तरफ बांह फेंक-फेंक के भाषण दिया, मुझे लगा कुछ देकर जाएगा, तो भी अपना देकर नहीं गया, पिता जी का चार वेद देकर गया। अरे भाई उपमुख्यमंत्री है, दो-चार करोड़ रुपये देकर जाता कि मैं दो करोड़ देता हूं, चार करोड़ देता हूं। बोले वेद ले लो। अब वह तो स्वयं में द्विवेदी है। उसके पास दो तो ओरिजनल रखे होंगे। बोले दो वेद मैं दे रहा हूं।”
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इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि वे उपमुख्यमंत्री यह बात जानना चाहते थे कि कुमार विश्वास के पास कितनी सैलरी है, लेकिन उपमुख्यमंत्री चुप हो गए। कुमार विश्वास ने बताया कि विकास दिव्यकीर्ति ने उनसे पूछा कि आखिर उन्होंने क्यों नहीं बताया, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें पता था कि बाद में उनकी मैं बताउंगा।