शंकराचार्य विवाद में अकेले पड़े योगी, दूसरे डिप्टी CM ने भी छोड़ दिया साथ? बृजेश पाठक के बयान से आया नया तूफान

Brajesh Pathak Statement: मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज के संगम तट पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के बीच शुरू हुई जंग थमने का नाम नहीं ले रही है।
शंकराचार्य विवाद में अकेले पड़े योगी, दूसरे डिप्टी CM ने भी छोड़ दिया साथ? बृजेश पाठक के बयान से आया नया तूफान
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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Shankaracharya Controversy: मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज के संगम तट पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के बीच शुरू हुई जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। अब इस मुद्दे पर सूबे के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अपनी राय जाहिर की है। उन्होंने कुछ ऐसा कहा है जिससे बवाल और बढ़ सकता है।

एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने शंकराचार्य के बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई घटना पर अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि चोटी नहीं खींची जानी चाहिए थी। जिन लोगों ने चोटी को छुआ है उन्हें पाप लगेगा। सब बही खाते में लिखा जा रहा है।

योगी ने पहली बार खुलकर रखी थी बात

बीते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शंकराचार्य विवाद पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि कोई भी खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, यहां तक ​​कि मुख्यमंत्री भी नहीं। योगी ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सबसे ऊंचा और पवित्र माना जाता है और इसकी अपनी परंपराएं और नियम हैं, जिनका पालन होना चाहिए।

CM योगी हरियाणा में कहा था 'कालनेमि'!

उसके पहले हरियाणा के सोनीपत में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए कहा था कि कुछ 'कालनेमि' हैं जो भेष बदलकर सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सीएम योगी ने भले ही किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन मौजूदा हालातों के चलते सियासी गलियारों में इसे शंकराचार्य विवाद से जोड़ा गया था।

केशव प्रसाद मौर्य ने बताया था पूज्यनीय

दूसरी तरफ यूपी की सरकार में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विवाद के दौरान कई बार शंकराचार्य को पूज्यनीय कहकर संबोधित किया और उनसे संगम में स्नान करने की अपील की। हालांकि, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी मांग पर अड़े रहे और बिना स्नान किए प्रयागराज से वापस चले गए।

बृजेश पाठक का बयान लाएगा नया तूफान?

अब इस मुद्दे पर दूसरी डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का यह बयान सियासी हलकों में हलचल की बड़ी वजह बनने वाला है। कहा जा रहा है कि एक तरफ सीएम योगी शंकराचार्य की खुलकर खिलाफत की है तो दूसरी तरफ उनके ही दोनों डिप्टी सीएम इस मुद्दे पर शंकराचार्य के समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं।

आपको बता दें कि प्रयागराज माघ मेला में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीते 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर संगम स्नान के लिए जा रहे थे, तभी उन्हें पुलिस प्रशासन ने रोक लिया। इस दौरान पुलिस और शंकराचार्य के शिष्यों के बीच झड़प हो गई। पुलिस पर आरोप लगा कि बटुक ब्राह्मणों की चोटी खींचकर पिटाई की गई है।

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