लखनऊ के डॉक्टर शाहीन और परवेज कैसे बने आतंकी नेटवर्क का हिस्सा? जांच में खुला चौंकाने वाला राज

Delhi Blast: जांच में खुलासा हुआ कि लखनऊ के डॉक्टर भाई-बहन शाहीन और परवेज ऑनलाइन जिहादी वीडियो देखकर सेल्फ-रेडिकलाइज हुए और बाद में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा बन गए।
Delhi Blast
शाहीन और परवेज (सोर्स - सोशल मीडिया)
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How Doctor Siblings of Lucknow Got Radicalized: लखनऊ में डॉक्टर भाई-बहन के आतंकी नेटवर्क से जुड़ने का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के हाथ बड़े सुराग लगे हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों की सोच इंटरनेट के जरिए बदली गई थी। शाहीन और परवेज ने जिहादी विचारधारा से प्रभावित होकर खतरनाक नेटवर्क से संपर्क किया। अब फॉरेंसिक जांच में इनकी डिजिटल गतिविधियों से कई नए राज खुल रहे हैं।

कैसे हुआ रेडिकलाइजेशन का खुलासा

व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क की जांच में डॉक्टर शाहीन शाहिद और उसके भाई डॉक्टर परवेज के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। खबरों के मुताबिक, दोनों ने शुरुआत में ऑनलाइन जिहादी वीडियो देखने शुरू किए। धीरे-धीरे वे इस विचारधारा के इतने प्रभाव में आ गए कि खुद ही सेल्फ-रेडिकलाइज हो गए। इसके बाद दोनों की मुलाकात डॉक्टर मुजम्मिल से हुई और वे आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा बन गए।

पुलिस को क्या मिला परवेज के घर से

डॉक्टर परवेज के घर से पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप और हार्ड डिस्क बरामद की है। सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा सके। पुलिस के मुताबिक, परवेज हर कॉल और मैसेज को तुरंत डिलीट कर देता था। बरामद मोबाइलों में कई सिम अलग-अलग नाम और पते पर जारी हैं, जिनकी कॉल डिटेल अब खंगाली जा रही है।

शाहीन के परिवार की प्रतिक्रिया

डॉक्टर शाहीन के बड़े भाई को अब भी विश्वास नहीं है कि उनकी बहन किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि शाहीन हमेशा पढ़ाई और मरीजों की सेवा में लगी रहती थी। वहीं शाहीन के पूर्व पति का कहना है कि शादीशुदा जीवन में उसने कभी बुर्का नहीं पहना था और वह अपने बच्चों की देखभाल करने वाली मां थी। वह बेहतर जिंदगी की तलाश में विदेश जाना चाहती थी, लेकिन इस रास्ते पर कैसे चली गई, यह हैरान करने वाला है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा नेटवर्क

जांच एजेंसियों का कहना है कि डॉक्टर शाहीन फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी थी। कश्मीर, हरियाणा और यूपी में फैले इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ। इसके बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 3 डॉक्टरों समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले ने देशभर की जांच एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है।

डॉक्टर शाहीन और परवेज जैसे शिक्षित लोगों का इस राह पर जाना समाज के लिए चेतावनी है। यह मामला दिखाता है कि इंटरनेट के जरिए फैलाया गया जहर कितनी गहराई तक असर कर सकता है।

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