

Ghaziabad Police Encounter: गाजियाबाद में सोमवार रात महिला पुलिसकर्मियों की बहादुरी का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने जिले के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया। बिना किसी पुरुष पुलिसकर्मी की मदद के, पूरी महिला टीम ने एक कुख्यात बदमाश को मुठभेड़ में पकड़ लिया। ये एनकाउंटर बिना किसी पुरुष पुलिसकर्मी की मौजूदगी में हुआ।
गाजियाबाद की महिला पुलिस टीम सोमवार देर रात गश्त पर थी, जब उन्हें लोहिया नगर में एक संदिग्ध स्कूटी नजर आई। स्कूटी सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह भागने लगा। स्कूटी फिसलने से वह गिर गया और पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
महिला पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है और फिलहाल विजयनगर इलाके में रहता है। वह विजयनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है और उस पर चोरी और लूट के आठ से अधिक केस दर्ज हैं।
यह मुठभेड़ इसलिए खास रही क्योंकि इसमें पूरी टीम महिला पुलिसकर्मियों की थी। न तो कोई पुरुष अधिकारी शामिल था, न ही कोई फोर्स। एसीपी उपासना पांडे और महिला थानाध्यक्ष रितु त्यागी की टीम ने अकेले यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया। महिला पुलिस टीम ने जितेंद्र के पास से एक अवैध तमंचा, लूटा गया मोबाइल फोन, एक टैबलेट और चोरी की स्कूटी बरामद की है। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना गाजियाबाद की पुलिसिंग में एक नई मिसाल के रूप में दर्ज हो गई है। महिला पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ साहस दिखाया, बल्कि यह साबित किया कि वे किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।
गाजियाबाद में महिला पुलिस की यह कार्रवाई पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। यह न केवल महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है बल्कि अपराधियों को भी यह संदेश है कि कानून के हाथ लंबे हैं चाहे वो महिला हो या पुरुष।