'तुम हिंदू हो...BHU चली जाओ' AMU प्रोफेसर ने बयां की दर्दनाक दास्तान, HOD और डीन पर लगाए गंभीर आरोप

Uttar Pradesh News: देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा संस्थानों में समानता और सेकुलर मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
you are hindu go to bhu amu professor painful story serious allegations against hod and dean
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की प्रोफेसर रचना कौशल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Aligarh Muslim University: देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा संस्थानों में समानता और सेकुलर मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर रचना कौशल ने प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि वे पिछले 27 वर्षों से सिर्फ अपनी धार्मिक पहचान के कारण लगातार उत्पीड़न झेल रही हैं।

पीड़िता ने अपने विभाग के चेयरपर्सन प्रो. मोहम्मद नफीस अंसारी और डीन प्रो. इकराम हुसैन के खिलाफ सीधा मोर्चा खोला है। प्रोफेसर रचना कौशल ने कुलपति को दी गई अपनी लिखित शिकायत में डीन पर सांप्रदायिक टिप्पणियां करने, अपने पद का दुरुपयोग करने और उनके खिलाफ शत्रुतापूर्ण माहौल बनाने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

कुलपति को सौंपी ऑडियो रिकॉर्डिंग

रचना कौशल ने अपनी व्यथा को साबित करने के लिए उन्होंने केवल जुबानी आरोप नहीं लगाए, बल्कि कुलपति को ऑडियो रिकॉर्डिंग और ट्रांसक्रिप्ट भी सबूत के तौर पर सौंपी है। उन्होंने मांग की है कि जांच पूरी होने तक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए डीन को पद से हटाया जाए।

'तुम हिंदू हो, BHU चली जाओ'

प्रोफेसर रचना कौशल ने साफ तौर पर यह बात कही है कि उनसे विभागाध्यक्ष और डीन ने कहा कि 'तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ।' रचना ने इसे संविधान और विश्वविद्यालय की धर्मनिरपेक्ष परंपरा के खिलाफ बताया। उनके बयान का वीडियो भी सामने आया है।

'नियुक्ति के साथ शुरू हुई प्रताड़ना'

प्रोफेसर रचना का आरोप है कि मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला 1998 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी उनकी नियुक्ति के बाद ही शुरू हो गया था। 2006 में इसी के चलते उन्हें मिसकैरेज झेलना पड़ा। इतना ही नहीं उनका प्रमोशन जानबूझकर सालों तक रोका गया, जिसकी वजह से उन्हें हाई कोर्ट जाना पड़ा। कोर्ट के दखल के बाद ही उन्हें उनका हक मिला।

महिला प्रोफेसर ने चेतावनी दी है कि अगर यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने जल्द ही उन्हें इंसाफ नहीं दिलाया तो वह पुलिस में शिकायत करेंगी। दूसरी ओर HOD प्रोफेसर अंसारी ने सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है और कहा है कि वह अपनी बात वाइस-चांसलर के सामने रखेंगे। फिलहाल इस गंभीर प्रकरण पर एएमयू प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com