
मियाजाकी आम (सोर्स- सोशल मीडिया)
वाराणसी: अगर हम आपसे यह कहें कि एक ऐसा आम है जिसे केवल एलन मस्क, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी जैसे लोग ही खा सकेंगे तो आप मुझ पर बरस पड़ेंगे। अगर हम यह कहें कि एक ऐसा आम है जिसकी कीमत 2 से तीन लाख प्रति किलो है तो आप मुझे बुरा भला कहने लगेंगे। अगर यह कहें कि आम को वीवीआईपी सिक्योरिटी मिली है तो हो सकता है आप मुझे मारने के लिए खोजने लगें। लेकिन यह सच है!
उत्तर प्रदेश में वाराणसी के चोलापुर ब्लॉक के गांव बबियांव में इन दिनों एक विशेष किस्म का आम चर्चा में है। इस आम को जापान का सबसे मशहूर और विश्व की सबसे महंगी प्रजाति ‘मियाजाकी आम’ कहा जाता है। इंटरनेशनल मार्केट में इस आम की कीमत 2 से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बताई जाती है। बबियांव शैलेंद्र कुमार रघुवंशी ने इसे जापान से लाकर अपने खेत में उगाया है और अब इसमें पहली बार फल लगने लगे हैं।
शैलेंद्र ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2021 में पुणे की एक कंपनी से यह पौधा मंगवाया था। छह महीने की विशेष देखभाल के बाद पौधा लगाया गया और करीब दो साल में इसमें फल लगने लगे हैं। मियाजाकी आम का रंग सूर्योदय के समय की लालिमा जैसा होता है और इसका आकार अंडाकार होता है। यह न सिर्फ अपने स्वाद बल्कि विटामिन और खनिजों की उच्च गुणवत्ता के लिए भी प्रसिद्ध है।
इसकी अनूठी खूबियों और ऊंची कीमत को देखते हुए शैलेंद्र ने इस आम की 24 घंटे निगरानी के लिए दो सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। उनका कहना है कि जापान के आमों में जो पोषक तत्व पाए जाते हैं, वे यहां भी पाए जाते हैं या नहीं, इसके लिए परीक्षण किए जाएंगे। अगर नतीजे सकारात्मक रहे तो किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
शैलेंद्र के पास फिलहाल मियाजाकी आम के 120 पौधे तैयार हैं और वे इन्हें 1000 रुपये प्रति पौधे की दर से बेचने की योजना बना रहे हैं। इस अद्भुत आम को देखने के लिए आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासी विजय रघुवंशी ने शैलेंद्र के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वाकई एक सपना साकार कर दिखाया है।






