- Hindi News »
- Uttar Pradesh »
- Allahabad High Court Verdict Transgender Same Sex Couple Live In Relationship Protection
Allahabad HC का ऐतिहासिक फैसला: ट्रांसजेंडर और समलैंगिक जोड़ों को लिव-इन की इजाजत; ‘मर्जी का साथी चुनने का हक’
Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर और समलैंगिक जोड़ों को लिव-इन में रहने की अनुमति देते हुए परिवारों को हस्तक्षेप न करने का आदेश दिया है और पुलिस सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय

इलाहाबाद हाई कोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Allahabad High Court Transgender Rights News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक युगांतकारी फैसला सुनाते हुए ट्रांसजेंडर और समलैंगिक जोड़ों के लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता और संरक्षण प्रदान किया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि हर बालिग व्यक्ति को अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है।
संविधान के तहत जीवन की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 को सर्वोपरि रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जीवन और व्यक्तिगत आजादी का अधिकार हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।
क्या बोले जस्टिस विवेक कुमार सिंह?
जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भी बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है और इस निजी चुनाव में परिवार या समाज को बाधा डालने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट का मानना है कि राज्य का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि वह हर नागरिक की स्वतंत्रता और उनके शांतिपूर्ण जीवन जीने की इच्छा की रक्षा करे।
सम्बंधित ख़बरें
मैं कहाँ खड़ा हूँ? शराब के नशे में चूर दिखे दरोगा जी, VIDEO हुआ वायरल
मेरठ में हाई वोल्टेज ड्रामा, बाबा साहेब की प्रतिमा पर दूध चढ़ाने पहुंचे सपा नेताओं को पुलिस ने रोका- VIDEO
सब कुछ प्री-प्लांट था…नोएडा हिंसा में बड़ा खुलासा, चैट्स पढ़ कर आप भी हो जाएंगे हैरान; देखिए यह डिजिटल सबूत
हिंसक प्रदर्शन के बाद योगी सरकार का बड़ा आदेश, नोएडा में न्यूनतम मजदूरी 21 फीसदी बढ़ाने का ऐलान
मुरादाबाद के मामले पर कोर्ट ने दिए निर्देश
यह मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मझोला थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ था। याचिकाकर्ताओं में एक ट्रांसजेंडर और एक अन्य व्यक्ति शामिल थे, जिन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई थी कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपने ही परिवारों से जान-माल का खतरा है और स्थानीय पुलिस ने उनकी सुरक्षा की मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न केवल उन्हें संरक्षण दिया, बल्कि परिजनों को सख्त निर्देश दिए कि वे इस जोड़े के जीवन में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न करें।
ऐतिहासिक कानूनी नजीरों का हवाला
अपने फैसले को पुख्ता करने के लिए हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध नवतेज सिंह जोहर बनाम भारत संघ (2018) मामले का हवाला दिया। इस ऐतिहासिक फैसले में समलैंगिक संबंधों को मान्यता देते हुए आईपीसी की धारा 377 को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने अकांक्षा बनाम यूपी राज्य (2025) मामले का भी जिक्र किया, जो यह पुष्टि करता है कि शादी न होने या न कर पाने की स्थिति में भी व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार सुरक्षित रहते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लिव-इन संबंधों की यह मान्यता अब केवल समलैंगिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ट्रांसजेंडर समुदाय भी शामिल है।
पुलिस को सुरक्षा और आयु सत्यापन के निर्देश
अदालत ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि यदि याचिकाकर्ताओं के शांतिपूर्ण जीवन में कोई बाधा आती है, तो उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए। कोर्ट ने कहा कि जोड़े किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस कमिश्नर या एसएसपी से संपर्क कर सकते हैं। यदि उम्र को लेकर कोई विवाद होता है और दस्तावेजी सबूत मौजूद नहीं हैं, तो पुलिस बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट (Bone Ossification Test) या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए उम्र का सत्यापन कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि यदि कोई अपराध दर्ज नहीं है, तो पुलिस इन जोड़ों के खिलाफ जबरन कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
यह भी पढ़ें: पहले योगी और फिर डिप्टी सीएम से मिले मोहन भागवत, 2027 का तानाबाना या मामला कुछ और? जानिए सब
एक्सपर्ट्स की मानें तो इस फैसले को सामाजिक दृष्टिकोण से एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल ट्रांसजेंडर और समलैंगिक समुदाय के कानूनी अधिकारों की पुष्टि करता है, बल्कि समाज को सहिष्णुता और समर्पण का संदेश भी देता है। न्यायालय का यह रुख उन लोगों के लिए राहत की किरण है जो अपनी पहचान और रिश्तों को लेकर सामाजिक और पारिवारिक दबाव का सामना करते रहे हैं।
Allahabad high court verdict transgender same sex couple live in relationship protection
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 15 April: कन्या राशि वाले सावधान! तुला को मिलेगी चुनौती, जानें आपकी राशि में क्या छिपा है?
Apr 15, 2026 | 12:05 AMहार के सिलसिले को नहीं रोक पाई KKR, चेपॉक में झेली चौथी शिकस्त, चेन्नई सुपर किंग्स ने 32 रन से जीता मुकाबला
Apr 14, 2026 | 11:30 PMट्रेन के जनरल कोच में शख्स का कमाल जुगाड़, रस्सी से बना ली अपनी सीट, वीडियो वायरल
Apr 14, 2026 | 11:22 PMCucumber Benefits: गर्मियों में क्यों सुपरफूड है खीरा? जानें फायदे, सही तरीका, पानी की मात्रा और नुकसान!
Apr 14, 2026 | 10:55 PM‘बहुत ज्यादा शोर…’, स्ट्राइक रेट के सवाल पर फिर भड़के बाबर आजम, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखा गुस्सा
Apr 14, 2026 | 10:52 PMमेट्रो में रील बनाना पड़ा भारी, ‘दादी’ की फटकार का वीडियो हुआ वायरल; लोगों ने किया दादी का समर्थन
Apr 14, 2026 | 10:34 PMपहले दिखा आयुष म्हात्रे का तूफान, वैभव अरोड़ा को जड़े 3 चौके, फिर उसी ओवर में गेंदबाज ने किया खेल खत्म
Apr 14, 2026 | 10:15 PMवीडियो गैलरी

मैं कहाँ खड़ा हूँ? शराब के नशे में चूर दिखे दरोगा जी, VIDEO हुआ वायरल
Apr 14, 2026 | 10:02 PM
मेरठ में हाई वोल्टेज ड्रामा, बाबा साहेब की प्रतिमा पर दूध चढ़ाने पहुंचे सपा नेताओं को पुलिस ने रोका- VIDEO
Apr 14, 2026 | 09:56 PM
मोदी और ममता एक ही सिक्के के दो पहलू…ओवैसी ने ममता बनर्जी और भाजपा पर साधा निशाना
Apr 14, 2026 | 09:53 PM
क्या आप केवल नाम के हिंदू रह गए हैं? गौ हत्या पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का सवाल
Apr 14, 2026 | 09:47 PM
क्या मुझे इंसाफ मिलेगा? अरविंद केजरीवाल ने जज पर लगाए 7 गंभीर आरोप, सुनवाई से हटने की मांग- VIDEO
Apr 14, 2026 | 09:39 PM
Noida Protest: नोएडा मजदूर आंदोलन के पीछे ‘पाकिस्तानी’ साजिश? यूपी के मंत्री अनिल राजभर के दावे से मचा हड़कंप
Apr 14, 2026 | 09:30 PM












