भंडारा में खेत तालाब योजना धीमी, 187 में सिर्फ 8 पूरे; किसानों को नहीं मिल रहा लाभ

Bhandara Farm Pond Scheme: भंडारा में खेत तालाब योजना की रफ्तार धीमी है। 187 में से सिर्फ 8 कार्य पूरे, तकनीकी खामियों और लापरवाही से किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा।
Farm Pond Scheme Lags in Bhandara: Only 8 Out of 187 Completed; Farmers Not Receiving Benefits
भंडारा खेत तालाब योजना( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Bhandara Agriculture Department Issues: भंडारा महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मांगे उसे खेत तालाब योजना' का उद्देश्य किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन भंडारा जिले में इस योजना की प्रगति बेहद धीमी नजर आ रही है।

वर्ष 2025-26 में जिले में 187 किसानों का चयन किया गया, लेकिन अब तक केवल 8 खेत तालाबों का कार्य ही पूरा हो पाया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 187 चयनित लाभार्थियों में सबसे अधिक 45 किसान तुमसर तहसील के हैं, जबकि पवनी में सबसे कम 15 किसानों का चयन हुआ है।

वर्तमान में 74 आवेदन अभी भी प्रक्रिया में लंबित हैं और 33 किसानों को पूर्व स्वीकृति मिली है। जिले में सिर्फ 5 स्थानों पर काम जारी है। पवनी और तुमसर में 3-3 कार्य पूरे हुए हैं, जबकि मोहाडी और भंडारा में 1-1 कार्य पूर्ण हुआ है।

लाखांदुर, लाखनी और साकोली तहसीलों में अब तक एक भी कार्य पूरा नहीं हुआ है। खेत तालाबों के माध्यम से वर्षा जल संचयन कर जरूरत के समय सिंचाई संभव होती है, जिससे किसानों को लाभ मिलता है।

लेकिन कई स्थानों पर गलत जगह चयन और प्लास्टिक लाइनिंग फटने जैसी समस्याओं के कारण तालाबों में पानी टिक नहीं पाता। तालाबों में जमा गाद को हटाने और समय-समय पर देखभाल नहीं होने से जल भंडारण क्षमता घट रही है। बाष्पीकरण रोकने के लिए आवश्यक उपाय भी कई जगह नहीं किए जा रहे हैं।

75,000 तक अनुदान, फिर भी देरी सरकार द्वारा एक खेत तालाब के लिए 75 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है, जिसमें खुदाई और लाइनिंग शामिल है।

इसके बावजूद प्रशासनिक देरी के कारण कई किसानों के आवेदन लंबित हैं, जिससे नाराजगी बढ़ रही है। लंबित आवेदनों की संख्या को देखते हुए कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। चयन के बाद भी पूर्व स्वीकृति में देरी और कम कार्य प्रगति से योजना की प्रभावशीलता प्रभावित हो रही है।

कार्य में तेजी लाने के दिये गये निर्देश

जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संगीता माने ने बताया कि, कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है, तकनीकी समस्याओं को दूर कर अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभदेने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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